देशभर में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। आज पूरे दिन बिहार से कई ट्रेनों और बसों को जलाने की खबरें आई हैं। इस बीच रेलवे ने पटना जंक्शन से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। गौरतलब है कि यह विरोध सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के खिलाफ हो रहा है। इस योजना की वजह से बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे तमाम राज्यों के युवाओं में गुस्सा है।
अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन के कारण अब तक 300 से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे ने कहा कि बुधवार को प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 35 ट्रेन रद्द कर दी गईंए जबकि 13 का डेस्टिनेशन से पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस विरोध प्रदर्शन का सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्व मध्य रेलवे पर पड़ा है जिसके तहत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्से आते हैं।
इन राज्यों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन देखा गया है। ऐसे में पूर्व मध्य रेलवे ने प्रदर्शन के कारण 8 ट्रेनों के परिचालन की निगरानी करने का फैसला भी किया है। अधिकारियों ने बताया कि वे इन ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं और स्थिति के हिसाब से उनके ऑपरेशन के संबंध में निर्णय लेंगे।
गौरतलब है कि एक बोगी को बनाने में 80 लाख रुपये से लेकर 3.5 करोड़ तक की लागत आती है। इसके अलावा उन्हें चलाने के लिए देश में दो तरह के इंजन काम करते हैं। पहला डीजल और दूसरा इलेक्ट्रिक। इसे बनाने में 15 करोड़ से 20 करोड़ रुपये तक का खर्च आता है। ऐसे में देश के युवा जो ट्रेनें जला रहे हैं उनसे सिर्फ सरकार पर ही नहीं रेल यातायात पर भी खासा फर्क पड़ रहा है। अग्निपथ योजना के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन की वजह से अबतक 300 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हो चुकी हैं। करीब 100 ट्रेनें कैंसिल हुई हैं।

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