नीदरलैंड के हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण जाधव मामले पर सुनवाई खत्म हो गई है। सुनवाई की शुरुआत में भारत ने 11 जजों की बेंच के सामने अपना पक्ष रखा। शाम को पाकिस्तान ने भारत की दलीलों का जवाब दिया।
पाकिस्तान. पाक वकील ने कहा यह 2008 की संधि में सुरक्षा मामलों में काउंसलर एक्सेस से इनकार कर सकता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया था कि 2008 की संधि से तय होगा काउंसलर एक्सेस। भारत ने नहीं बताया 2008 का समझौता जाधव मामले में क्यों लागू नहीं होता। जाधव को ईरान से अगवा करने के भारतीय दावे में दम नहीं। .भारत ने जाधव की बेगुनाही के सबूत नहीं दिये। जासूसी के मामलों में विएना संधि के प्रावधान लागू नहीं होते। भारत ने जाधव की नागरिकता साबित करने के लिए सबूत नहीं दिये। जाधव मामले में विएना समझौता लागू नहीं होता।
2008 के भारत-पाक समझौते के बाद विएना समझौते का हवाला नहीं दे सकता भारत।
भारत ने जाधव को काउंसलर एक्सेस पर कोई शर्त नहीं लगाई थी। अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने अटलांटिस विमान को गिराने के मामले में भी अधिकार क्षेत्र ना होने की भारतीय दलील मानी थी। भारत ने दूसरे देशों के साथ संधियों से जुड़े मामलों को भी आईसीजे के अधिकार क्षेत्र से हटाया था। 1974 में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों को आईसीजे के अधिकार क्षेत्र से हटाया था। पाकिस्तानी वकील ने अमेरिका और मेक्सिको के बीच इसी तरह के विवाद का हवाला दिया।
सीनियर वकील ख्वार कुरैशी रख रहे हैं पाकिस्तान का पक्ष ने कहा कि भारत की अर्जी में जाधव के पास मौजूद दया याचिका के विकल्प को नजरअंदाज किया गया। फोन बातचीत के सबूत बताते हैं कि जाधव भारत में अधिकारियों से संपर्क में था। चार चरणों में पूरी हुई थी जाधव के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया। भारत के काउंसलर एक्सेस के अनुरोध से पहले फिल्माया गया था कबूलनामे का कथित वीडियो। जाधव के खिलाफ जांच में भारत ने सहयोग नहीं किया, ये 9/11 के बाद पारित यूएन के प्रस्ताव का उल्लंघन था। 2008 की द्विपक्षीय संधि के अनुसार पाकिस्तान को जाधव पर फैसले का हक है। पड़ोसियों के साथ अमन चाहता है पाकिस्तान।
भारत की पैरवी करते हुए सीनियर वकील हरीश साल्वे ने फांसी की सजा पर फौरन रोक की मांग की। उन्होंने कहा कि अदालत जाधव को सुनाई गई सजा को विएना संधि के खिलाफ करार दे। साल्वे ने अदालत को बताया कि कई बार अनुरोध के बावजूद भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को जाधव से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। उनका आरोप था कि जाधव को सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई की मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पाकिस्तान जाधव को फांसी दे सकता है। साल्वे ने दावा किया कि जाधव के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं और पाकिस्तान ने महज उनके कथित कबूलनामे के आधार पर फांसी की सजा सुनाई है। मुंबई के रहने वाले कुलभूषण जाधव को अप्रैल महीने में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि जाधव भारतीय नेवी के कमांडर हैं और ईरान में झूठी पहचान बनाकर पाकिस्तान के भीतर दहशतगर्दी फैला रहे थे। वहीं, भारत का कहना है कि जाधव नौसेना से रिटायर हो चुके हैं और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ईरान से अगवा किया है। केंद्र सरकार ने 8 मई को जाधव की फांसी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अंतर्राष्ट्रीय अदालत में जाधव केस पर सुनवाई खत्म, इस तरह की दी दलीले

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