November 7, 2026

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Workers Strike Impact News Updates: भोपाल में बिगड़े हालात, जानिए क्यों ठप पड़ी राजधानी की सफाई व्यवस्था और क्या हैं कर्मचारियों की मांगें?

मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमित (पक्का) करने, न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने और अनुकंपा नियुक्ति समेत अपनी चार प्रमुख सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के सफाईकर्मी बीते तीन दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। एक अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के बड़े नगरीय निकायों के लगभग 70 हजार कर्मचारियों ने पूरी तरह से काम बंद कर दिया है। इसके चलते राजधानी भोपाल समेत तमाम बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मुख्य सड़कों व गलियों में कचरे के भारी ढेर लगने शुरू हो गए हैं। अकेले भोपाल शहर में ही बीते तीन दिनों का लगभग 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा सड़कों पर जमा हो चुका है।

⚡ भोपाल नगर निगम मुख्यालय की बिजली काटी; विवाह पंजीयन और प्रमाण पत्र के काउंटर बंद

मुख्यालय में तालाबंदी और ठप काम का हाल:

  • 13 हजार कर्मचारी हड़ताल पर: भोपाल नगर निगम के करीब 13 हजार कर्मचारी बीते तीन दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं, जिससे शहर में नियमित सफाई और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
  • मुख्यालय की बत्ती गुल: गुरुवार को निगम के अन्य प्रशासनिक विभागों में पदस्थ कर्मचारियों ने भी हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए नगर निगम मुख्यालय ‘अटल भवन’ में कामकाज पूरी तरह बंद करा दिया। इसके चलते जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन और अन्य आवश्यक जनसेवाओं के काउंटर पूरी तरह बंद रहे। शाम के समय आक्रोशित कर्मचारी नेताओं ने निगम मुख्यालय पहुँचकर सभी दफ्तरों की बिजली काट दी, जिससे अंधेरा छाते ही अधिकारी दफ्तर छोड़कर जाने पर मजबूर हो गए। शुक्रवार सुबह से ही कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है।
🚜 हड़ताल खत्म होने के बाद मशीनों से होगी सफाई; मैन्युअल काम होना असंभव

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी: नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा कि तीन दिनों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हड़ताल खत्म होने के बाद भी पूरे शहर की सफाई मैन्युअली (हाथों से) करना संभव नहीं होगा। भोपाल के सभी 85 वार्डों में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ खड़े हो गए हैं, जिन्हें उठाने और साफ करने के लिए भारी मशीनों का उपयोग करना पड़ेगा। प्रशासन ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना (प्लांनिंग) तैयार कर ली है और अब सिर्फ हड़ताल खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है।

🚚 पानी की टैंकर सप्लाई बंद और फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी ठप; अन्य विभाग भी हड़ताल में शामिल

प्रदर्शन का दायरा बढ़ा: सफाईकर्मियों के इस आंदोलन को नगर निगम के अन्य विभागों का भी खुला समर्थन मिल गया है:

  • शामिल विभाग: फायर डिपार्टमेंट, एचएफए (HFA), यांत्रिक शाखा, बिल्डिंग परमिशन विभाग, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन गाड़ियों के ड्राइवर्स और अपर आयुक्तों का पूरा स्टाफ हड़ताल में कूद पड़ा है।
  • पानी व अग्निशमन सेवा बंद: कर्मचारियों ने टैंकरों से होने वाली पेय जलापूर्ति (पानी की सप्लाई) पूरी तरह बंद कर दी है और इमरजेंसी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को चलाने से भी साफ मना कर दिया है।
  • वॉटर वर्क्स का समर्थन: कर्मचारी नेता मगन झंझोट ने बताया कि नगर निगम के वॉटर वर्क्स विभाग के कर्मचारियों ने भी हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। यदि समय रहते मांगों का ठोस निराकरण नहीं हुआ, तो शहर में नागरिक संकट और गहरा सकता है।
🤝 प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन; “मुख्यमंत्री से वार्ता होने तक जारी रहेगी हड़ताल”

प्रतिनिधिमंडल की वार्ता और रुख: अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मगन झांझोट ने जानकारी दी कि गुरुवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल से मुलाकात कर अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। इससे पहले नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे सहित अन्य उच्च अधिकारियों से भी वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल पाया है। मगन झांझोट ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्यमंत्री के साथ सीधी और ठोस वार्ता नहीं हो जाती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरे प्रदेश में जारी रहेगी।

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