सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर यूपीआई (UPI) से पेमेंट करने की कोशिश कर रहे एक भारतीय नागरिक के साथ ऐसा वाकया सामने आया जिसने विदेश में डिजिटल भुगतान की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है. निखिल जॉर्ज नामक शख्स ने एयरपोर्ट पर स्थित ‘द कोकोआ ट्रीज़’ स्टोर पर गूगल पे (GPay) के जरिए भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी कारणों से पेमेंट नहीं हो पाया, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना यह अनुभव साझा किया.
⚠️ 2. कैशियर की चेतावनी के बावजूद स्कैन किया क्यूआर कोड, स्क्रीन पर आया ‘कन्वर्जन रेट नहीं मिल सका’ का एरर मैसेज
निखिल जॉर्ज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि स्टोर के कैशियर ने उन्हें पहले ही आगाह कर दिया था कि वहां यूपीआई ‘लगभग कभी काम नहीं करता’, लेकिन उन्होंने फिर भी प्रयास करने का फैसला किया. जैसे ही उन्होंने जीआरपी से क्यूआर कोड स्कैन किया, स्क्रीन पर ‘कन्वर्जन रेट नहीं मिल सका. कृपया दोबारा स्कैन करें’ का एरर मैसेज शो होने लगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया वहीं अटक गई.
💰 3. एक्सचेंज रेट और फॉरेक्स मार्कअप का गणित: विदेश में यूपीआई इस्तेमाल करने पर लगता है अतिरिक्त शुल्क
यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद अन्य यूजर्स ने भी अपने विदेशी अनुभवों को साझा किया. कई लोगों ने बताया कि यदि विदेश में यूपीआई काम कर भी जाए, तो बैंक और फॉरेक्स मार्कअप की वजह से यह काफी महंगा पड़ जाता है. बैंक आमतौर पर मुद्रा बदलने के लिए 1.5% से 3.5% तक का मार्कअप और छोटा प्रोसेसिंग शुल्क वसूलते हैं. वहीं, इस मामले पर एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने जवाब देते हुए यूजर से अधिक जानकारी मांगी है.

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