मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमाओं से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की लगातार आवाजाही चिंता और कौतूहल का विषय बनी हुई है। शुक्रवार की सुबह मानपुर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम लखनौटी में उस समय ग्रामीणों में अफरा-तफरी और हलचल मच गई, जब गांव के समीप बने एक तालाब के पास एक बाघिन अपने तीन छोटे शावकों के साथ नजर आई। आबादी और रिहायशी इलाके के इतने करीब बाघिन के पूरे कुनबे की मौजूदगी ने ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
🌊 मछली तालाब पर पानी पीने पहुंची थी बाघिन; घरों के आसपास मूवमेंट से सहमे ग्रामीण
घटनाक्रम और ग्रामीणों की चिंता:
- अचानक सामने आया कुनबा: शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण गांव के पास स्थित मछली तालाब की तरफ गए हुए थे। इसी दौरान उनकी नजर अचानक तालाब किनारे बैठी बाघिन और उसके तीन शावकों पर पड़ी। सामने बाघिन को देखते ही ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए।
- घरों के पास हलचल: बताया जा रहा है कि बाघिन का मूवमेंट स्थानीय निवासी दशरथ बैगा, बालक दास और रामबली सिंह के मकानों के आसपास भी देखा गया। इसके तुरंत बाद पूरे गांव में बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई।
- मवेशी सुरक्षित: राहत की बात यह रही कि बाघिन ने किसी इंसान या मवेशी पर हमला नहीं किया और कुछ समय बिताने के बाद वह स्वयं शांतिपूर्वक घने जंगल की ओर लौट गई। इसके बावजूद, गांव के करीब बाघिन के कुनबे की आवाजाही को देखते हुए ग्रामीण अपने परिजनों और पालतू मवेशियों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।
👮 मानपुर रेंजर अंकित सोनी का बयान: “वन विभाग की टीम कर रही है निरंतर निगरानी, ग्रामीण बरतें सतर्कता”
प्रशासनिक निर्देश और अलर्ट:
- रेंजर का स्पष्टीकरण: इस संबंध में मानपुर रेंजर अंकित सोनी ने बताया कि, “फॉरेस्ट क्षेत्र से लगे राजस्व क्षेत्र में एक तालाब स्थित है, जहाँ बाघिन पानी पीने के लिए आई थी और कुछ देर तक तालाब के पास शांत बैठी रही। इसके पश्चात वह स्वयं जंगल की तरफ चली गई। वन विभाग की गश्ती टीम लगातार पूरे क्षेत्र में पैनी निगरानी रख रही है।”
- त्वरित सूचना की अपील: वन विभाग ने ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क रहने और क्षेत्र में कहीं भी बाघिन की मौजूदगी या पदचिह्न दिखने पर उसकी सूचना तत्काल वन अमले को देने के निर्देश दिए हैं।
⚠️ अकेले जंगल की ओर न जाने की हिदायत; भीड़ न लगाने की दी गई सख्त सलाह
सुरक्षा एडवाइजरी: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे गांवों में बाघों का आना-जाना कोई नई बात नहीं है, लेकिन आबादी के इतने करीब बाघिन और तीन शावकों की मौजूदगी के मद्देनजर विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- वे सुबह या शाम के समय अकेले तालाब, खेत या जंगल की तरफ न जाएं।
- बाघिन या उसके शावकों के करीब पहुँचने, उनका वीडियो बनाने या उन्हें देखने के लिए अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्र न करें, क्योंकि इससे वन्यजीव आक्रामक हो सकते हैं।

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