शहडोल जिले के कार्यभार संभालने के बाद से ही कलेक्टर पार्थ जायसवाल लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। एक बार फिर कलेक्टर ने प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एक पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी पर किसानों के सरकारी कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर उदासीनता बरतने के आरोप थे, जिसके चलते यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
📋 क्या है पूरा मामला? किसानों की रजिस्ट्री के काम में बरत रहे थे घोर लापरवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल को शिकायत मिली थी कि हल्का जमुड़ी (तहसील जयसिंहनगर) में पदस्थ पटवारी भरत खैरवार अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति बेहद लापरवाह हैं। उन पर आरोप था कि किसानों की रजिस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही बरती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम काजल सिंह को आवश्यक निर्देश दिए, जिसके बाद पटवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान पटवारी भरत खैरवार का मुख्यालय तहसील कार्यालय जयसिंहनगर निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
🚫 वीसी से गायब रहना और शून्य प्रगति पड़ी भारी, कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
एसडीएम काजल सिंह ने बताया कि आगामी 20 अगस्त से जिले के सभी पटवारी ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर के कार्य में जुटे हुए हैं। इस कार्य की मॉनिटरिंग के लिए प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सभी पटवारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाती है, लेकिन पटवारी भरत खैरवार इनमें से किसी भी दिन वीसी में उपस्थित नहीं रहे। इसके अलावा उनके प्रभार वाले ग्रामों—जमुड़ी, खडगड़ी और कुठली—में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति ‘शून्य’ पाई गई। बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यालय से गायब रहने और शासकीय कार्य में इस तरह की उदासीनता को गंभीर श्रेणी मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर यह निलंबन कार्रवाई की गई है।

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