सिवनी। खतरनाक जंगली जानवरों और विपरीत परिस्थितियों के बीच जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वन विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक महत्वपूर्ण ‘सुरक्षा कवच’ की सौगात दी है। इसके तहत दुर्घटना अथवा अप्रिय घटना में मृत्यु होने की स्थिति में विशेष वेतन पैकेज की निर्धारित शर्तों के अनुसार कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा एवं जीवन सुरक्षा के रूप में 1 करोड़ रुपये तक का सुरक्षा कवर प्राप्त हो सकेगा। इस पहल के प्रथम चरण में 350 से अधिक वनकर्मियों को इस योजना से जोड़ा गया है।
🐅 पेंच टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों को वेलफेयर स्कीम का गिफ्ट: सैलरी अकाउंट हुए अपग्रेड
पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) प्रबंधन ने वन अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और कर्मचारियों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में यह विशेष वेलफेयर स्कीम शुरू की है।
प्रबंधन और एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने आपसी समन्वय से वनकर्मियों के सामान्य सैलरी अकाउंट को ‘स्पेशल सैलरी अकाउंट’ (Special Salary Account) में अपग्रेड किया है।
पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देव प्रसाद जे ने बताया, “वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए नियमित गश्त, रेस्क्यू ऑपरेशन और मैदानी कार्यों के दौरान वनकर्मियों व महावतों को खतरनाक वन्यजीवों के साथ-साथ शिकारियों व अपराधियों का भी सामना करना पड़ता है। इन जोखिमों को देखते हुए स्पेशल सैलरी पैकेज के जरिए कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की यह पहल की गई है।”
🚁 एयर एंबुलेंस से लेकर आयातित दवाओं का खर्च शामिल: आकस्मिक स्थिति में मिलेंगे अतिरिक्त लाभ
डायरेक्टर देव प्रसाद जे ने योजना के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि विशेष वेतन पैकेज के अंतर्गत पात्रता एवं निर्धारित शर्तों के अनुसार 1 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा।
इसके अलावा, पैकेज में उपलब्ध आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ गंभीर दुर्घटना की स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा, आयातित जीवनरक्षक दवाइयों का खर्च, आकस्मिक कोमा एवं मृत्यु जैसी परिस्थितियों में निर्धारित अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी परिवार को दिए जाएंगे।
🌲 प्रथम चरण में 350 से अधिक कर्मचारी शामिल: मनोबल और पारिवारिक सुरक्षा को मिलेगा बल
इस कल्याणकारी पहल के पहले चरण में 350 से अधिक वनकर्मियों को इस विशेष बैंकिंग सुविधा से जोड़ दिया गया है।
आगामी चरणों में पेंच टाइगर रिजर्व के शेष अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसके दायरे में लाने की योजना है। प्रबंधन का मानना है कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण माहौल में कर्तव्यों का पालन करने वाले वनकर्मियों को ऐसी वित्तीय सुरक्षा मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और उनके परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित हो सकेगा।

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