नईदिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे। द्वीप राष्ट्र मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।
पीएम मोदी के मॉरीशस पहुँचने पर मॉरीशस के सभी 34 मंत्री पूरे प्रोटोकॉल और धूमधाम के साथ पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक ”नया और उज्ज्वल” अध्याय जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंचे। मोदी के पहुंचते ही मॉरीशस में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य पोर्ट लुइस स्थित होटल के बाहर एकत्रित होने लगे हैं।
स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे प्रधानमंत्री मोदी का मॉरीशस में भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस शुरुआती घंटे में, मॉरीशस की शीर्ष हस्तियों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री, मॉरीशस के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, विदेश मंत्री, कैबिनेट सचिव, ग्रैंड पोर्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष और कई अन्य लोग मौजूद थे। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए कुल 200 गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिनमें सांसद, विधायक, राजनयिक दल और धार्मिक नेता शामिल थे।
मॉरीशस के उप विदेश मंत्री हंबीराजन नरसिंहेन ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस में मौजूदगी से “खुश और बेहद सम्मानित” हैं, और दोनों देश अपने बीच मौजूद “पहले से ही उत्कृष्ट साझेदारी” को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे। सभी 34 मंत्री पूरे प्रोटोकॉल और धूमधाम के साथ पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद रहे।
बता दे कि पीएम मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के न्योते पर इस यात्रा पर पहुंचे हैं। वह मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मेहमान होंगे। मॉरीशस का राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च को है। मोदी ने मॉरीशस रवाना होने से पहले जारी एक बयान में कहा था, ‘मैं अपने सागर विजन के हिस्से के रूप में, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के लिए मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूं।’
‘सागर’ से आशय ‘सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ (क्षेत्र में सबके लिये सुरक्षा और विकास) से है। भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की आकाश गंगा ‘स्काईडाइविंग टीम’ (मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस) समारोह में भाग लेगी। मोदी ने बताया कि ‘हिंद महासागर में मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, एक प्रमुख साझेदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘गहरा आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास और अपनी विविधता पर गर्व हमारी ताकत है।’
भारत मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। सिंगापुर के बाद मॉरीशस 2023-24 के लिए भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत था।
मॉरिशस को मिनी इंडिया भी कहा जाता है और इसके पीछे का कारण है, यहां कि संस्कृति, परंपरा और जनसंख्या का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का होना। भारत मॉरिशस का सबसे बड़ा व्यापारिक और विकास सहयोगी है। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
बता दें, मॉरिशस हिंद महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण देश है, जिसकी समुद्री सीमा रणनीतिक रूप से भारत के लिए बेहद अहम है। चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, भारत हिंद महासागर में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

More Stories
पश्चिम बंगाल में दूसरे व अंतिम चरण का मतदान आज, मतदाताओं में उत्साह, बूथों पर लगी कतारें
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित, 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे आवेदन
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान