मध्य प्रदेश के सेवढ़ा स्थित ऐतिहासिक सनकुआं धाम के बलरामशरण आश्रम से करीब एक महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए दो साधुओं का अब तक कोई भी सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस की नाकामी और मामले में ढीली कार्रवाई से ग्रामीणों और समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी को लेकर रविवार को आश्रम परिसर में एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें ग्वालियर, भिंड और दतिया जिले के 50 से अधिक गांवों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए।
🤝 पाल-बघेल समाज और जनप्रतिनिधियों ने बनाई रणनीति: पुलिस को दिया 5 दिन का अल्टीमेटम
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब इस मामले को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार को एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्थानीय थाना प्रभारी से मुलाकात कर अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट मांगेगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन को जांच तेज करने के लिए पांच दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस समयावधि में कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामीण और समाजजन बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
👮 विवेचना अधिकारी ने रखा पक्ष: चौकी में अपहरण की आशंका में दर्ज है मामला
बैठक के दौरान पुलिस की ओर से मामले के विवेचना अधिकारी सब इंस्पेक्टर सियाराम गौड़ भी पहुँचे, जिन्होंने अब तक की गई जांच और पुलिस के प्रयासों से ग्रामीणों को अवगत कराया। बैठक में कमलाशरण महाराज, रत्नदास महाराज, मस्तराम दास महाराज, स्वामी ज्ञानानंद महाराज समेत कई संत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पहले भी ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था और डिरोलीपार की मंगरोल चौकी में परिजनों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।

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