डॉ हीना तिवारी, उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि पर्व से पहले शिव नवरात्रि पर्व शुरू हो चुका हैं। बाबा महाकाल के मंदिर में हर हर महादेव जय श्री बाबा महाकाल गुंजायमान हो रहा हैं।
शिवनवरात्री के दूसरे दिन आज 1 मार्च को बाबा का शेषनाग श्रृंगार होगा। इसके तहत भगवान को कटरा, मेखला, दुप्पटा,मुकुट, मुंड माला, छत्र धारण कराया जाएगा।
महाकाल मंदिर में 29 फरवरी से 8 मार्च तक शिव नवरात्रि महापर्व मनाया जाएगा। नौ दिन तक महाकालेश्वर के अलग-अलग श्रृंगार किए जाएंगे। इसका प्रारंभ कोटितीर्थ कुंड के पूर्व में स्थित कोटेश्वर महादेव के पूजन से सुबह 9:00 बजे से शुरू हो चुका है। महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी महेश पुजारी के अनुसार कोटेश्वर महादेव कोटितीर्थ कुंड के प्रधान देवता है। कुंड में देश के सभी जल तीर्थों का जल समाहित है। शिवनवरात्रि में पहले दिन से ही भगवान कोटेश्वर महादेव का पूजन, अभिषेक किया जाता है। उसके बाद भगवान महाकालेश्वर का पूजन होता है। कोटेश्वर महादेव का बुधवार सुबह 8 से 9 बजे तक अभिषेक, पूजन किया गया। पहले दिन 11 ब्राह्मणों और दो पुजारी सहायकों को सोला और वरुणी प्रदान की गई।
बाबा महाकाल के प्रांगण में स्थित कोटेश्वर महादेव के पूजन के बाद महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का पूजन किया गया। शिवनवरात्रि के दौरान 11 ब्राह्मण लघुरुद्र करेंगे। इसके बाद भोग आरती होगी। दोपहर 3 बजे महाकालेश्वर का संध्या पूजन के बाद शृंगार शुरू होगा। उन्हें मुखारविंद, आभूषण, नवीन वस्त्र धारण करवाए जाएंगे। शाम से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
बाबा महाकाल के शिवनवरात्रि पर 9 दिन अलग-अलग श्रंगार किये जाते हैं। बाबा महाकाल के अलग अलग मनमोहक आकर्षक श्रंगार के भक्त दर्शन लाभ लेंगे।
इस प्रकार नो दिन यह श्रृंगार किये जायेंगे बाबा महाकाल मंदिर में-
29 फरवरी : चंदन, भांग शृंगार।
1 मार्च : शेषनाग शृंगार।
2 मार्च : घटाटोप शृंगार।
3 मार्च : छबीना शृंगार।
4 मार्च : होलकर शृंगार।
5 मार्च : मनमहेश शृंगार।
6 मार्च : उमा महेश शृंगार।
7 मार्च : शिव तांडव शृंगार।
8 मार्च: सप्तधन का मुखौटा।
महाशिवरात्रि के पूर्व शिव नवरात्रि पर्व बाबा महाकाल मंदिर में बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा हैं और बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने पहुँच रहे हैं। बाबा महाकाल के आकर्षक श्रंगार के दर्शन लाभ के रहे हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुँचने की संभावना है जिसको लेकर मंदिर समिति व प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

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