अपनों के सकुशल घर लौटने की उम्मीद और लंबे इंतजार के बाद मध्य प्रदेश के अनूपपुर निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी आखिरकार दुबई से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित भारत पहुंच गए हैं। बेहतर और उच्च स्तरीय उपचार के लिए उन्हें सीधे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। पिछले 15 अक्टूबर 2026 से दुबई के अल-जहरा (Al-Zahra) अस्पताल में भर्ती ज्ञानेंद्र को केंद्र तथा मध्य प्रदेश सरकार के आपसी समन्वय और सहयोग से 5 नवंबर को तड़के 4 बजे दिल्ली लाया गया।
✈️ दोस्तों के साथ घूमने गए थे दुबई; अल-जहरा अस्पताल में रोज़ आ रहा था 4 लाख रुपये का खर्च
पारिवारिक संकट और भारी आर्थिक बोझ:
- शिक्षार्थी पुत्र पर मुसीबत: अनूपपुर निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए दुबई गए थे। उनके पिता राजेंद्र तिवारी पेशे से शिक्षक हैं।
- दैनिक उपचार का भारी खर्च: परिजनों ने बताया कि दुबई के अल-जहरा अस्पताल में इलाज के दौरान रोजाना लगभग 4 लाख रुपये का खर्च आ रहा था। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राशि थी और परिजन अपनी क्षमता से अधिक मोटी रकम इलाज पर खर्च कर चुके थे। विदेश में इतने समय तक भर्ती रहने और आर्थिक तंगी के कारण पूरा परिवार बेहद चिंतित था।
🤝 प्रधानमंत्री कार्यालय से किया गया समन्वय; सीएम डॉ. मोहन यादव व उप मुख्यमंत्री की पहल रंग लाई
सरकारी मदद और स्वदेश वापसी के प्रयास:
- राज्य सरकार की तुरंत पहल: ज्ञानेंद्र की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क साधा गया और आवश्यक प्रशासनिक समन्वय स्थापित किया गया।
- जनप्रतिनिधियों का सहयोग: राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने भी ज्ञानेंद्र को सुरक्षित भारत वापस लाने तथा एम्स में बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर प्रयास किए।
- परिवार ने जताया आभार: रिश्तेदार देवेन्द्र तिवारी ने बताया कि ज्ञानेंद्र की वापसी को लेकर पूरा परिवार लगातार तनाव में था। इस मुश्किल घड़ी में मदद करने वाले सभी जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों और सरकारों का परिवार ने हृदय से आभार व्यक्त किया है।
💔 15 अक्टूबर को आया था भीषण कार्डियक अरेस्ट; वतन वापसी से परिजनों ने ली राहत की सांस
स्वास्थ्य स्थिति और घटना का विवरण:
- अचानक बिगड़ी थी तबीयत: ज्ञानेंद्र तिवारी को गत 15 अक्टूबर को दुबई में अचानक कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) आया था। इसके बाद उन्हें तुरंत आपातकालीन स्थिति में वहां के अल-जहरा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
- एम्स में जारी है निगरानी: विदेश में इलाज के लंबे और कठिन दौर के बाद जब वे दिल्ली पहुंचे, तो परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।

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