शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले कोलारस नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8 में एक बड़े और भीषण हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। यहां लगभग 100 साल पुरानी पानी की एक विशाल टंकी अत्यंत जर्जर और खस्ताहाल स्थिति में खड़ी है। इस पुरानी टंकी के सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के टुकड़े लगातार नीचे झड़ रहे हैं, जिसके चलते आसपास के घरों में रहने वाले सभी रहवासियों में हर वक्त इसके अचानक गिरने का भारी भय सता रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि इस बेहद खतरनाक हो चुकी टंकी को जल्द से जल्द जमींदोज किया जाए।
🕒 पिछले 15 वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी है यह ऐतिहासिक टंकी
वार्ड क्रमांक 08 के निवासी स्थानीय युवक रिंकू रजक ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि, ”यह पानी की टंकी लगभग एक सदी यानी पूरे 100 साल पुरानी है। इसकी जर्जर और कमजोर स्थिति को देखते हुए नगर परिषद ने आज से करीब 15 साल पहले ही इसमें पानी भरना और शहर में जलापूर्ति करना पूरी तरह से बंद कर दिया था। हालांकि, इसका उपयोग बंद होने के बावजूद इस खतरनाक और जर्जर ढांचे को आज तक डिस्मेंटल या जमींदोज नहीं किया गया है, जो सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। वर्तमान हालात यह हैं कि इस टंकी का पूरा ढांचा अंदर से पूरी तरह खोखला हो चुका है और इसके हिस्से आए दिन नीचे गिर रहे हैं।”
🛑 क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है लापरवाह प्रशासन?
स्थानीय नागरिकों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए याद दिलाया कि वर्ष 2021 में भी कोलारस कस्बे के भीतर एक अन्य नवीन पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर चुकी है। उस पुरानी दुर्घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र के लोगों के मन में जर्जर टंकियों को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। रहवासियों का कहना है कि वार्ड-8 की इस खतरनाक टंकी को लेकर वे कई बार स्थानीय स्तर पर लिखित व मौखिक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, परंतु अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। लोगों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि यदि यह जर्जर टंकी अचानक कभी भी जमींदोज होती है, तो यहाँ आसपास घनी आबादी में रहने वाले मासूम परिवारों और उनकी संपत्तियों को भारी जान-माल का नुकसान पहुँच सकता है।
👨💼 एसडीएम शिव दयाल धाकड़ ने दिया मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा
इस पूरे गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए कोलारस के एसडीएम शिव दयाल धाकड़ ने प्रतिक्रिया दी है कि, ”इस संबंध में नगर परिषद के सीएमओ से तुरंत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर टंकी की वर्तमान यथास्थिति की भौतिक जांच कराई जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान यह पानी की टंकी खस्ताहाल और खतरनाक पाई जाती है, तो इसे नियमानुसार तुरंत हटवाने या डिस्मेंटल कराने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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