मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बहुचर्चित जमीन की सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में घिरी निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया अभी भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं। सीएसपी सहित उनके दोनों करीबी सहयोगियों क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ कुठला थाने में आपराधिक मामला दर्ज हुए 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक तीनों आरोपियों में से किसी को भी गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
🏠 राजगढ़ स्थित गृह ग्राम पहुँची पुलिस टीम, रमेश लोधी के जिला अदालत में दर्ज कराए गए कथन
फरार चल रही निलंबित सीएसपी की तलाश में एसआईटी और पुलिस की टीम मंगलवार को उनके गृह ग्राम राजगढ़ जिले के पचोर पहुँची, जहाँ परिजनों से पूछताछ की गई लेकिन वहां भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, हत्या के आरोप में झिंझरी जिला जेल में बंद रमेश लोधी को एसआईटी कड़ी सुरक्षा के बीच जिला न्यायालय लेकर पहुँची, जहाँ न्यायाधीश के समक्ष उसके महत्वपूर्ण बयान दर्ज कराए गए।
💰 अग्रिम जमानत खारिज, 10 हजार का इनाम घोषित और लुक आउट सर्कुलर जारी
जिला अदालत द्वारा तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पहले ही खारिज की जा चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसते हुए निलंबित सीएसपी सहित तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का नगद इनाम घोषित किया है और देश से बाहर भागने से रोकने के लिए लुक आउट नोटिस (LOC) भी जारी कर दिया है। गौरतलब है कि इन पर आरोप है कि इन्होंने हत्या के एक मामले में आरोपी परिवार पर दबाव बनाकर कम कीमत पर जमीन की जबरन रजिस्ट्री कराई थी, जिसमें पद के दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

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