September 8, 2026

News Prawah

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Mother Struggle for Disabled Son Education Shahdol MP News: 80% विकलांग बेटे को पढ़ाने के लिए रोज संघर्ष कर रही मां, इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए अधिकारियों से लगाई गुहार

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जो एक मां के अथक संघर्ष और उसकी ममता की मिसाल पेश करती है। जिले के आखिरी छोर पर स्थित झींक बिजुरी गांव में रहने वाली एक मां अपने 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 80% दिव्यांग बेटे राजकुमार जायसवाल को हर दिन अपनी पीठ पर लादकर स्कूल ले जाती है। शारीरिक परेशानी के कारण ठीक से चल-फिर न पाने वाले राजकुमार को पढ़ाने के लिए उसकी मां फूलकुमारी रोज घर से बस स्टैंड, फिर बस का सफर तय कर स्कूल तक पहुंचाती है। पिछले दो सालों से यह सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन अब तक इस परिवार को प्रशासनिक स्तर पर कोई खास मदद नहीं मिल सकी है।

🚲 इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए मंत्री से लेकर कलेक्ट्रेट तक लगाई गुहार, पंचायत सचिव ने उम्र का दिया हवाला

दर्शिला गांव से झींक बिजुरी स्थित सरकारी स्कूल की दूरी करीब 10 किलोमीटर है, जिसके आने-जाने में मां को रोज 40 से 50 रुपये किराया भी खर्च करना पड़ता है। मां फूलकुमारी बताती हैं कि बेटा जब तक स्कूल में रहता है, उन्हें वहीं रुकना पड़ता है, जिससे वे मजदूरी भी ठीक से नहीं कर पातीं और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बेटे की सुविधा के लिए एक इलेक्ट्रिक साइकिल (स्कूटी) के वास्ते मंत्री दिलीप जायसवाल और कलेक्ट्रेट में भी आवेदन दिया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी मदद नहीं मिली। वहीं, पंचायत सचिव गंगाराम का कहना है कि बच्चा अभी 18 वर्ष का नहीं हुआ है, इसलिए उसे स्कूटी नहीं मिल सकती, जबकि सामाजिक न्याय विभाग का कहना है कि दस्तावेज पूरे होने पर पात्रता के अनुसार लाभ दिया जाएगा।

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