मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर एक कॉलर आईडी वाला जंगली हाथी अब सामान्य वन मंडल के चंदिया क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। बीती रात जैसे ही हाथी के धतूरा, कौडिया और मझगवां के जंगलों में मूवमेंट की जानकारी वन विभाग को मिली, वैसे ही पूरा अमला अलर्ट मोड पर आ गया। अचानक हाथी की मौजूदगी की खबर फैलने से आसपास के ग्रामीण इलाकों और बस्तियों में दहशत का माहौल बन गया है, हालांकि गनीमत यह है कि अब तक हाथी द्वारा किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
📡 लगातार ट्रैक की जा रही है हाथी की लोकेशन: बांधवगढ़ और सामान्य वन मंडल की टीमें कर रही हैं निगरानी
हाथी के लगातार बदलते मूवमेंट को देखते हुए चंदिया और उमरिया परिक्षेत्र के वन अमले को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वनकर्मियों की कई टीमें संभावित मार्गों और जंगल से सटी बस्तियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम हाथी के गले में लगे रेडियो कॉलर की मदद से उसकी हर गतिविधि और लोकेशन को लाइव ट्रैक कर रही है। वन विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाथी की अगली दिशा और समय रहते उसकी जानकारी मिल सके, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।
📢 गांव-गांव कराई गई मुनादी: ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने और विशेष सावधानी बरतने की अपील
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत वन विकास निगम और स्थानीय पुलिस बल को भी निगरानी कार्य में लगाया गया है। वन विभाग द्वारा लगातार गाँव-गाँव में मुनादी करवाई जा रही है, क्योंकि यह हाथी फसलों के साथ-साथ कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुँचा सकता है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल की तरफ बिल्कुल न जाएँ और अपने खेतों की ओर जाते समय विशेष सतर्कता बरतें। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉलर वाले हाथी की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है और अमला मुस्तैद रहकर उसे सुरक्षित वापस जंगल की तरफ खदेड़ने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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