खंडवा। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का असंतोष अब सड़क पर उतर आया है। विकास योजनाओं के चलते अपने मकान, दुकान और आजीविका छिनने की आशंका से डरे-सहमे नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने आगामी 19 अक्टूबर से नगर पूरी तरह बंद रखने का बड़ा ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
🤝 सर्वदलीय बैठक में लिया गया कड़ा निर्णय: जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक जारी रहेगा आंदोलन
बीते शुक्रवार रात को आयोजित हुई एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जब तक प्रभावित परिवारों के समुचित पुनर्वास, उचित मुआवजे और रोजगार की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रशासनिक आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। बैठक में शामिल लोगों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे सिंहस्थ महापर्व के लिए होने वाले विकास कार्यों के बिल्कुल भी विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की भारी कीमत स्थानीय परिवारों को अपने घर और पुश्तैनी रोजगार को खोकर नहीं चुकानी चाहिए।
📋 16 सदस्यीय समिति के माध्यम से रखी गई हैं 19 सूत्रीय मांगें: सहमति न बनने के चलते उठाया गया कदम
प्रशासन के समक्ष पहले ही 16 सदस्यीय समिति के माध्यम से कुल 19 सूत्रीय मांगें रखी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक उन पर किसी प्रकार की सकारात्मक सहमति नहीं बन पाई है। प्रशासन की इस उदासीनता और स्थानीय जनता की उपेक्षा के चलते नागरिकों में भारी नाराजगी है, जिसके परिणामस्वरूप ओंकारेश्वर नगर को बंद रखने का यह कड़ा निर्णय लिया गया है।

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