मध्य प्रदेश के उज्जैन में साढ़े छह सौ साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने की कार्रवाई के दौरान हुए भारी हंगामे, पथराव और पुलिस लाठीचार्ज के मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का तीखा बयान सामने आया है। विधायक आरिफ मसूद ने उज्जैन में हुई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज पर बेहद कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ कहा है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों और मस्जिद कमेटी के बीच बातचीत का दौर चल रहा था, ऐसे में पुलिस को बल प्रयोग या लाठीचार्ज नहीं करना चाहिए था। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी यह विशेष अपील की है कि वे इस संवेदनशील समय में पूरी तरह से संयम और शांति से काम लें। मसूद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन मकान या अन्य अतिक्रमण तो आसानी से हटा सकता है, लेकिन धार्मिक स्थलों की आस्था जुड़ी होने के कारण लोग कई बार आसानी से समझौता नहीं कर पाते हैं।
🏏 आरिफ मसूद का पुलिस लाठीचार्ज पर सख्त ऐतराज, कहा- ‘पुलिस को भी दिखाना चाहिए था संयम’
उज्जैन में शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने के दौरान मचे बवाल और पुलिस लाठीचार्ज की कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कड़े शब्दों में निंदा की है। भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन प्रशासन को वहां लाठीचार्ज नहीं करना चाहिए था, क्योंकि उस वक्त नुमाइंदा कमेटी और जिम्मेदार लोग आपसी बातचीत के जरिए समाधान तलाश रहे थे। उन्होंने कहा कि उज्जैन की जनता वाकई तारीफ के काबिल है जिन्होंने इतने तनाव के बावजूद पूरा संयम बरता, लेकिन अफसोस की बात है कि पुलिस ने संयम नहीं दिखाया। मसूद ने दो टूक कहा कि यदि आम जनता पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही थी, तो पुलिस का यह कर्तव्य बनता था कि वह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज न करे।
❓ ‘विकास और सड़क चौड़ीकरण अच्छी बात है, लेकिन पहले से फुल-प्रूफ प्लानिंग क्यों नहीं की जाती?’
भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “आप शहर विकास के लिए मकान या दुकानें तो हटा सकते हैं, लेकिन जब बात किसी धार्मिक स्थल की आती है तो लोग आसानी से समझौता नहीं कर पाते। फिर सबसे बड़ा सवाल यह भी उठता है कि इस तरह की कार्रवाई के लिए पहले से कोई ठोस और व्यवस्थित प्लान क्यों तैयार नहीं किया जाता? किसी ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को हटाकर उसके विकल्प की सही व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, आखिरकार यह कौन सा इंसाफ है?” उन्होंने आगे जोड़ा कि शहर में सड़क चौड़ीकरण का कार्य होना और बाहर से आने वाले यात्रियों व वाहनों को सुगम रास्ता मिलना निश्चित रूप से अच्छी बात है, लेकिन सवाल हमेशा यही रहेगा कि ऐसे अभियानों से पहले जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर मु मुकम्मल योजना क्यों नहीं बनाई जाती?
🕊️ मध्य प्रदेश की जनता से शांति, सद्भाव और पूर्ण संयम बनाए रखने की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में विधायक आरिफ मसूद ने उज्जैन सहित पूरे मध्य प्रदेश की जनता से आपसी भाईचारा, सद्भाव और संयम बनाए रखने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि इस पूरी स्थिति में वहां के शहर काजी और स्थानीय नुमाइंदा कमेटी पूरी गंभीरता से मामले को लीड कर रही है, इसलिए आम जनता को भी पूरी तरह से गांधीवादी और अनुशासित तरीके से ही अपनी बात रखनी चाहिए। मसूद ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों में न आएं और बिना किसी ठोस वजह के कहीं भी अनावश्यक प्रदर्शन करने से बचें, ताकि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।

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