नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध जीवन की पहली और सबसे जरूरी खुराक होता है, खासकर उन बच्चों के लिए जिनकी माताएं किसी कारणवश पर्याप्त दूध नहीं पिला पाती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए खंडवा के मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल परिसर में ‘अमृत कलश केंद्र’ (मदर मिल्क बैंक) की शुरुआत की गई थी। हालांकि, केंद्र की शुरुआत हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन जरूरी मशीनों के अभाव में यह महत्वपूर्ण सुविधा अभी तक पूरी तरह से सुचारू नहीं हो पाई है, जिससे जरूरतमंद नवजातों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
❄️ डी फ्रीज और ऑटो प्ले मशीन का इंतजार, मदर डोनर होने के बावजूद सुरक्षित संग्रहण संभव नहीं
अस्पताल में मदर डोनर उपलब्ध होने के बावजूद दूध को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करने और अन्य जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने की व्यवस्था अधूरी है। वर्तमान में केंद्र में केवल ‘सेम मदर-सेम चाइल्ड’ की व्यवस्था ही काम कर रही है, जिसके तहत मां अपने ही बच्चे को दूध पिला रही है। मिल्क बैंक को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए जरूरी ‘डी फ्रीज’ और ‘ऑटो प्ले’ जैसी अहम मशीनों की दरकार है, जिनके न होने के कारण दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं हो पा रहा है।
🏥 परिजनों को लेना पड़ रहा बाहर के दूध का सहारा, सिविल सर्जन ने जल्द मशीनें आने का दिया भरोसा
मशीनें न होने के कारण जिन बच्चों की माताओं को पर्याप्त दूध नहीं बनता, उनके परिजनों को मजबूरी में बाहर के दूध का विकल्प चुनना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल का कहना है कि डी फ्रीज और ऑटो प्ले मशीन के लिए उच्च विभाग को लिखा गया है तथा आर्डर भी दिए जा रहे हैं। जल्द ही सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध हो जाएंगे, जिसके बाद यह सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी और नवजातों को सुरक्षित रूप से दूध मिल सकेगा।

More Stories
Additional SP Suryakant Sharma Update: पुलिस कर रही सीसीटीवी फुटेज की जांच, हादसे के वक्त वैन में सवार थे 15 बच्चे
Dubai to Tel Aviv Flight Hijack Attempt: घायल होने के बावजूद बचाई 180 से ज्यादा यात्रियों की जान, पीएम मोदी ने भी की सराहना
Ujjain Shahi Masjid News: मीनार हटाने के दौरान हुआ हादसा, जमीअत उलेमा मध्य प्रदेश ने की जांच और पुनर्निर्माण की मांग