दिल्ली: दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एलएनजेपी अस्पताल में कोविड वार्ड, ओपीडी सहित पीडियाट्रिक वार्ड का भी दौरा किया।
कोरोना की तैयारियों को लेकर निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलएनजेपी दिल्ली के बड़े अस्पतालों में से एक है, यहां बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि अस्पताल में कितने कोविड बेड उपलब्ध हैं, कितने अधिकृत हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता के क्या इंतजाम है? निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि कोरोना वायरस की पिछली लहर में ऑक्सीजन की उपलब्धता 5 टन थी, अब उसे 10 गुना बढ़ाकर 50 टन कर दिया गया है। जिसमें से अभी सिर्फ 4 टन ऑक्सीजन ही इस्तेमाल हो रही है। फिलहाल ऑक्सीजन और कोविड बेड दोनों ही पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं। अभी कोई आपातकालीन या जोखिम भरी स्थिति मालूम नहीं होती है।
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कोरोना का मौजूदा वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं बताया जा रहा है। इस समय जिन लोगों को खासी-जुखाम या बुखार है, वे लोग मास्क जरूर लगाएं ताकि यह संक्रमण आगे न फैल सके। अगर किसी व्यक्ति को लंबी बीमारी की शिकायत है, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, सहरुग्णता (कोमॉर्बिडिटी) की स्थिति है तो ऐसे लोग भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। कोशिश करें कि वह अपने घर में रहे। साथ ही मास्क को प्रयोग करें और सावधानी बरतें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल में बेड्स, आईसीयू में ऑक्सीजन, वैंटिलेटर सभी की सुविधा उपलब्ध है। कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल में 450 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जो स्टेबल मरीज हैं उनके लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था है। फिलहाल जितने मरीज भर्ती हैं, उनमें से ज्यादातर मरीज ठीक हो रहे हैं। कोरोना से मौत के मामले न के बराबर हैं। मृत्यु सिर्फ उन्हीं मामलों में हो रही हैं, जिन मरीजों की डायबिटीज बढ़ी हुई है या जो डायलिसिस पर हैं।
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की स्थिति को रोजाना मॉनिटर किया जा रहा है। कोरोना से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार हर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। अस्पताल प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी तैयारियों को बरकरार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कोरोना के चलते अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बेहद कम है, ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि सतर्क और जिम्मेदार रहना जरूरी है। अस्पतालों में विजिट करने वाले लोग भी अस्पताल के अंदर मास्क जरूर लगाएं। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार पूरी तरह से तैयार है।

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