दिवाली नजदीक आते ही फ्लाइट के टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे गौर करने वाली बात यह है कि फेस्टिव सीजन खत्म होने के बाद भी टिकटों के सस्ते होने की उम्मीद बेहद कम है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, हवाई किराये में इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे विमान ईंधन (ATF) की बढ़ती कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट का बढ़ना मुख्य वजहें हैं।
💰 किराये में भारी उछाल और महंगे सफर की 3 मुख्य वजहें: डीजीसीए के नए नियमों से क्या मिलेगी राहत?
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-हैदराबाद रूट पर औसत एकतरफा किराया 68%, मुंबई-कोलकाता रूट पर 51%, दिल्ली-गोवा रूट पर 39% और मुंबई-बेंगलुरु रूट पर 37% तक महंगा हुआ है। विमान ईंधन की कीमत बढ़कर करीब 137 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है, जो एयरलाइंस के कुल खर्च का 30-40% हिस्सा है। हालांकि, सरकार मनमाने किराये पर लगाम कसने के लिए नए नियम लाने जा रही है, जिसके तहत एयरलाइंस को अपना किराया ढांचा डीजीसीए (DGCA) और अपनी वेबसाइट पर साझा करना होगा, लेकिन इससे टिकटों के दाम कम होने की गारंटी फिलहाल नहीं है।

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