बैतूल (विनोद पातरिया): मप्र के बैतूल में नशे की खेती के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बड़े पैमाने पर अफीम की खेती के बाद अब गेँहू के खेत मे गांजे की फसल पकड़ाई है।
मामला बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रातामाटी गाँव का है। जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि एक खेत मे गेंहू के बीच मे गांजे के सैकड़ों पौधे उगाए गए हैं। पुलिस ने घेराबंदी करके मौके पर दबिश दी लेकिन इस दौरान खेत का मालिक भागने में काबयाब रहा और पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा । पुलिस ने जांच की तो गेंहू के बीच उगे गांजे के 760 पौधे मिले जो पूरी तरह तैयार हो चुके थे । पुलिस ने सभी पौधों को इकट्ठा करके जब्त कर लिया है और फरार हो चुके खेत मालिक के विरुद्ध एडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही ये मालूम हो सकेगा कि नशे की ये खेती किसके इशारे पर और कहां बेचने के लिए हो रही थी ।
फसल की गिरदावरी करने रातामाटी गांव पहुंची राजस्व विभाग की टीम को गेहूं के बीच में गांजे की फसल दिखाई दी। इसकी सूचना राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल ही घोड़ाडोगरी पुलिस को दी। इसके बाद घोड़ाडोंगरी पुलिस मौके पर पहुंची और गांजे की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने खेत से 760 गांजे के पौधे जप्त किए हैं।
घोड़ाडोंगरी पुलिस चौकी प्रभारी आम्रपाली डाहत ने बताया कि रातामाटी गांव में खेत में गेहूं की फसल के बीच में गंजे की खेती हो रही थी। सूचना मिलने पर घोड़ाडोंगरी पुलिस मौके पर पहुंची और गांजे की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने खेत से 760 गांजे के पौधे जप्त किए हैं। वही खेत मालिक धर्मवीर सिंह पुलिस के आने की सूचना मिलने से फरार हो गया पुलिस द्वारा खेत मालिक पर मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
गौरतलब है की पिछले कुछ दिनों में बैतूल के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में ही तीन जगहों पर पुलिस ने बड़े पैमाने पर अफीम की फसल जब्त करके नष्ट करवाई थी और अब गांजा बरामद हुआ है। इसका सीधा मतलब ये है कि नशे के कारोबारी बैतूल की जटिल भौगोलिक स्थिति और आबोहवा का गलत फायदा उठाकर यहां गांजा और अफीम उगा रहे हैं ।

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