August 22, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Gwalior White Tiger Cubs: ग्वालियर चिड़ियाघर में पर्यटकों के लिए खुशखबरी, मीरा के शावक अब खुले आसमान के नीचे आए नजर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद खुशनुमा खबर सामने आई है। यहाँ पिछले चार महीनों से चारदीवारी और पिंजरे के पिछले हिस्से में सीमित रहने वाली सफेद बाघिन ‘मीरा’ के तीनों शावकों को अब आखिरकार खुला आसमान देखने का मौका मिल गया है। लंबा क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद अब इन शावकों को चिड़ियाघर के खुले बाड़े में बाहर निकाला जा रहा है, जिससे यहाँ आने वाले सैलानियों को इन नन्हे मेहमानों के दीदार का सुनहरा अवसर मिल रहा है।

🦠 डिस्टेंपर डिजीज के खतरे और केंद्र सरकार के निर्देशों के कारण बढ़ा क्वारंटाइन टाइम

ग्वालियर चिड़ियाघर के क्यूरेटर डॉ. गौरव परिहार ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि करीब चार महीने पहले सफेद बाघिन मीरा ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था। बिल्ली प्रजाति के जानवरों में ‘डिस्टेंपर डिजीज’ (Distemper Disease) के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसके तहत शावकों को शुरुआती दौर में संक्रमण से बचाने के लिए जनता की नजरों से दूर रखा जाना अनिवार्य था। इसी नियम का पालन करते हुए शावकों को उनकी मां के साथ सुरक्षित दायरे में रखा गया था, जहाँ इस पूरी अवधि के दौरान शावक पिंजरे के पीछे बने विशेष सुरक्षित हिस्से में ही खेलते-कूदते रहते थे।

👀 हर दिन दो घंटे हो रहे सैलानियों को दीदार, खास रखी जा रही है डाइट

डॉ. परिहार ने आगे बताया कि अब ये शावक काफी बड़े हो गए हैं और उनमें बीमारियों से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी काफी हद तक विकसित हो चुकी है। इसे ध्यान में रखते हुए अब इन बच्चों को सैलानियों के सामने खुले बाड़े में लाना शुरू कर दिया गया है। फिलहाल शुरुआती तौर पर उन्हें केवल सुबह दो घंटे (सुबह 9 बजे से 11 बजे तक) ही बाहर निकाला जा रहा है, ताकि वे सार्वजनिक माहौल के प्रति सहज हो सकें। इसके बाद उन्हें पूरे दिन के लिए खुले बाड़े में छोड़ा जाएगा। नन्हे शावकों का अपनी मां के साथ अठखेलियाँ करना पर्यटकों को बेहद आकर्षित कर रहा है। इसके साथ ही, शावकों की सेहत और खानपान का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है; उन्हें मां के दूध के साथ-साथ बाघिन मीरा को मिलने वाले मांसाहार भोजन का अंश भी दिया जा रहा है।

Share to...