September 20, 2026

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Gwalior Waste Management: इटली की मशीन से हटेगा 13 लाख टन पुराना कचरा; गीले कचरे से बनेगी जैविक खाद, साढ़े 4 करोड़ में टेंडर

ग्वालियर। ग्वालियर के केदारपुर स्थित लैंडफिल साइट पर वर्षों से जमा करीब 13 लाख टन पुराने (लेगेसी) कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया अब आखिरकार शुरू होने जा रही है। इसके लिए इटली से विशेष रूप से मंगाई गई अत्यंत आधुनिक मशीन का इंस्टालेशन कार्य अंतिम चरण में है। आगामी 2 अक्टूबर से इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित करने की वृहद तैयारी है। 2 अक्टूबर का दिन इसलिए चुना गया है, क्योंकि इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देश में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरुआत हुई थी।

⚙️ प्रतिदिन 1200 टन कचरा प्रोसेस करेगी मशीन: पुराने और नए कचरे का एक साथ होगा निस्तारण

प्लांट में स्थापित की जा रही इस इतालवी मशीन की कुल कार्यक्षमता प्रतिदिन 1200 टन कचरा प्रोसेस करने की है।

प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुसार, इसमें प्रतिदिन लगभग 600 टन वर्षों पुराने कचरे और 600 टन शहर से रोज एकत्र होने वाले नए कचरे को एक साथ प्रोसेस किया जाएगा। इसके लिए प्लांट परिसर में नया आधुनिक सेटअप तैयार किया जा रहा है, जिससे नए कचरे के प्रबंधन के साथ-साथ पुराने कचरे के पहाड़ को हटाने का कार्य भी समानांतर रूप से चलता रहेगा।

💰 साढ़े चार करोड़ में हुआ नया टेंडर: बिजली का बिल भी अब ठेकेदार कंपनी ही भरेगी

नगर निगम ग्वालियर ने शहर के नए और पुराने दोनों प्रकार के कचरे के प्रसंस्करण के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये में टेंडर प्रक्रिया पूरी की है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन कई तकनीकी विवादों के कारण वह व्यवस्था सफल नहीं हो सकी थी। अब नई पारदर्शी व्यवस्था के तहत प्लांट के संपूर्ण बिजली खर्च का वहन भी ठेकेदार एजेंसी को ही करना होगा। इससे पूर्व नगर निगम को केदारपुर प्लांट के बिजली बिल पर प्रतिवर्ष करीब डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ती थी।

🌾 गीले कचरे से बनेगी जैविक खाद, सूखे कचरे का होगा रिसाइकिलिंग: नगर निगम को होगी बड़ी बचत

नए अनुबंध के अनुसार, बिजली कनेक्शन लेने और उसके मासिक भुगतान की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी की होगी।

कचरे की प्रोसेसिंग के दौरान पृथक्कीकृत (सेग्रिगेट) किए गए सूखे कचरे को रिसाइकिलिंग के लिए संबंधित औद्योगिक फैक्ट्रियों को बेचा जाएगा, जबकि गीले कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी। इस खाद का उपयोग शहर के पार्कों, उद्यानों और नर्सरियों में करने के साथ-साथ स्थानीय किसानों को भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

नगर निगम के अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के अनुसार, केदारपुर में वर्षों से जमा कचरे के स्थाई समाधान के लिए अक्टूबर माह से इटली की यह मशीन पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू कर देगी।

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