Gwalior : ग्वालियर में एक बार फिर राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की सुरक्षा (Security) में चूक हो गई। रविवार रात दिल्ली से ग्वालियर आ रहे सिंधिया की कार को छोड़कर पुलिस दूसरी कार की पायलटिंग करने लगी। ग्वालियर की सीमा से पहले सिंधिया की कार जैसी गाड़ी पुलिस वाहन को ओवरटेक करके निकली। पुलिस को लगा कि सिंधिया की कार आगे निकल गई। इसके बाद पुलिस की पायलट और फॉलो वाहन उसके पीछे लग गए। इधर, सिंधिया निरावली से हजीरा आईआईआईटीएम तक 7 किलोमीटर बिना सुरक्षा और फॉलो वाहन के आए। इसके बाद हड़कंप मच गया। इस मामले में ग्वालियर और मुरैना के 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं। इनमें से 5 सब इंस्पेक्टर हैं।
आईआईआईटीएम के पास आईटी हजीरा आलोक परिहार की नजर सिंधिया की गाड़ी पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने पायलटिंग कर उन्हें जयविलास पैलेस तक पहुंचाया। सुरक्षा में चूक मुरैना और ग्वालियर पुलिस की पायलटिंग टीम में समन्वय न होने के कारण हुआ। पर इस दौरान राज्यसभा सांसद के साथ कोई घटना भी हो सकती थी। इससे पहले 12 जून को ग्वालियर से दिल्ली जाते समय गोला का मंदिर में एनएसयूआई ने चलती कार को रोक लिया था। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ग्वालियर में वैक्सीनेशन के महा अभियान में शहर के युवाओं को प्रोत्साहित करने सिंधिया को आना था। इसके लिए राज्यसभा सांसद व पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार रात दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा ग्वालियर के लिए निकले थे। उनको लगातार हर जिले में पुलिस पायलटिंग और फॉलो वाहन मिल रहा था।
बताया गया कि मुरैना की सीमा में प्रवेश करते ही मुरैना की पायलटिंग टीम ने सिंधिया के आगे चलना शुरू किया। पुरानी छावनी के निरावली पॉइंट से कुछ दूर पहले मुरैना की पुलिस को सिंधिया की कार जैसी दूसरी कार ओवरटेक करके निकल गई। इसके बाद पुलिस टीम उस गाड़ी के पीछे लग गई। तय सूचना के साथ ही यहां ग्वालियर पुलिस की एक टीम पायलट और फॉलो वाहन के साथ तैयार थी। ग्वालियर पुलिस की टीम उसी कार को सिंधिया की कार समझकर पायलटिंग करने लगी। कुछ समय तक पायलटिंग की। लेकिन कार बार-बार ओवरटेक कर रही थी। इस पर पुलिस अफसरों और जवानों को शक हुआ। उन्होंने देखा तो कार में कोई दूसरा व्यक्ति था, तब तक देर हो चुकी थी। सिंधिया का वाहन काफी आगे निकल चुका था।
पुरानी छावनी के निरावली पॉइंट पर यह गड़बड़ हुई। वहां से आईआईआईटीएम हजीरा चौराहा तक सिंधिया बिना सुरक्षा और पायलटिंग वाहन के अकेले आए। करीब 7 किलोमीटर का यह सफर में कुछ भी हो सकता था। इसे बहुत बड़ी चूक माना जा रहा है। गनीमत रही कि आईटी हजीरा आलोक सिंह परिहार ने थाने के सामने से सिंधिया की कार को गुजरता देखकर तत्काल सुरक्षा प्रदान की। सिंधिया की सुरक्षा में चूक मामले में मुरैना और ग्वालियर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मुरैना के फॉलो व पायलटिंग वाहन में 9 पुलिसकर्मी थे, जबकि ग्वालियर में 5 पुलिसकर्मी थे। दोनों ने आपस में कोई बात नहीं की। जिस कारण सभी 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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