इंदौर: कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन, इंदौर द्वारा ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत पेय पदार्थों एवं खुले बाजारों में विक्रय किए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच हेतु सतत कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं हाट बाजारों में निरीक्षण एवं जांच कार्रवाई की गई।
स्नेहलतागंज, इंदौर स्थित गुजरात रस का निरीक्षण किया गया। मौके पर निर्माता राजेंद्र पटेल उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान मैंगो शेक निर्माण एवं विक्रय किया जाना पाया गया। मौके से दो मैंगो शेक, शक्कर एवं खाद्य रंग, इस प्रकार कुल 04 नमूने जांच हेतु लिए गए।निरीक्षण में खाद्य पंजीयन में प्रतिष्ठान का पता व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप से अंकित नहीं पाया गया। उक्त अनियमितता के कारण आगामी आदेश तक निर्माण कार्य अवरुद्ध कराया गया।
योगी आमरस भंडार, 17 सुभाष मार्ग, चिमन बाग चौराहा, इंदौर का खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा निरीक्षण किया गया। मौके पर चंद्रहास पटेल, प्रोपराइटर, खाद्य प्रतिष्ठान का संचालन करते हुए पाए गए।निरीक्षण के दौरान परिसर में मैंगो शेक का विक्रय किया जाना पाया गया। मौके पर प्रतिष्ठान हेतु वैध खाद्य पंजीयन उपलब्ध नहीं पाया गया।
मौके से मैंगो शेक एवं मैंगो शेक निर्माण में उपयोग किए जाने वाले खाद्य रंग के कुल दो नमूने जांच हेतु लिए गए। प्रतिष्ठान में संबंधित खाद्य प्रकार हेतु वैध खाद्य पंजीयन नहीं पाए जाने के कारण वैध पंजीयन प्राप्त किए जाने तक खाद्य कारोबार बंद कराया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा खुले बाजार एवं हाट बाजारों में विक्रय की जा रही हल्दी की गुणवत्ता जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के परिपालन में आज दिनांक 17 मई 2026 को सनावदिया हाट बाजार में खाद्य पदार्थ हल्दी की प्रारंभिक जांच की गई।
साथ ही मालवा मिल क्षेत्र एवं आसपास के हाट बाजार क्षेत्रों में भी हल्दी की जांच कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त पूर्व में मांगलिया हाट एवं मुसाखेड़ी क्षेत्र में भी हल्दी की जांच की जा चुकी है।
अब तक की गई प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की मिलावट सामने नहीं आई है, किंतु विस्तृत जांच हेतु नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष रूप से खुले बाजारों एवं मौसमी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु जांच एवं सैंपलिंग कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि निरीक्षण कार्रवाइयों के दौरान लगातार यह पाया जा रहा है कि कई खाद्य प्रतिष्ठानों में वैध खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन उपलब्ध नहीं होता, अथवा उपलब्ध लाइसेंस संबंधित खाद्य कारोबार की प्रकृति के अनुरूप नहीं होता।
कलेक्टर वर्मा ने समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देशित किया है कि वे वैध खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन प्राप्त कर ही खाद्य कारोबार संचालित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन को प्रतिष्ठान में स्पष्ट एवं उचित स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
कलेक्टर वर्मा ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में लाइसेंस प्रदर्शित नहीं पाया जाता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट प्रतीत होती है, तो उसकी शिकायत कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर अवश्य दर्ज कराएं। प्राप्त शिकायतों पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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