April 18, 2026

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बाबा महाकाल की सवारी के दौरान छत से थूकने वाले आरोपी का घर बुलडोजर से तोड़ा, डीजे व ढोल लेकर पहुँची थी पुलिस

उज्जैन: उज्जैन में सोमवार को निकली बाबा महाकाल की दूसरी सवारी के दौरान छत से थूकने वाले बालिग आरोपी के घर आज बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर चला और घर को तोड़ा गया।

आज सुबह नगर निगम व पुलिस की टीम ढोल और डीजे लेकर आरोपी का घर तोड़ने टँकी चौक इलाके में पहुँची। कार्रवाई के दौरान इलाके की दुकानों को खुलने नही दिया गया। टीम ने सबसे पहले आरोपी अदनान मंसूरी के घर को खाली करवाया और फिर बुलडोजर से घर को गिराया गया।

घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया।

एडिशनल एसपी भूरिया ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मुनादी का नियम हैं, इसलिए डीजे लेकर आये थे। आरोपी के मकान के अवैध हिस्से को तोड़ा गया हैं।

विदित हो कि सावन के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी के दौरान बोतल से पानी पीकर सवारी पर थूकने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होते ही खाराकुआं पुलिस ने सांप्रदायिकता फैलाने के मामले में प्रकरण दर्ज करते हुए तीन संदिग्ध को पकड़कर जेल भेजा गया।

उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी के दौरान सोमवार को उस समय बड़ा बवाल मच गया, जब टंकी चौराहा के समीप कुछ लोगों ने बोतल से पानी पीकर सवारी पर थूकना शुरू कर दिया। ऐसे में जब कुछ लोगों ने सवारी पर थूक रहे लोगों को ऐसा करने से मना किया तो उसके बावजूद भी यह लोग नहीं माने। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाया और वायरल कर दिया, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी-कार्यकर्ता थाने पहुंचे, इन लोगों के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का प्रकरण दर्ज करवाया।

एडिशनल एसपी आकाश भूरिया ने इस मामले में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बाबा महाकाल की सवारी के दौरान ढोल-नगाड़े बजाने वालों ने पानी पीकर थूकने वाले समुदाय विशेष के लोगों का वीडियो बनाया था। उसके आधार पर खाराकुआं थाने में विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में दो आरोपी नाबालिग है जिन्हें बाल संप्रेक्षण घर भेजा गया हैं। वही एक बालिग आरोपी अदनान मंसूरी को न्यायालय पेश कर जेल भेज दिया गया हैं।

बता दें कि इस पूरे मामले मे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा-1860 के तहत 295 ए, 153 ए, 296 और 505 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

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