हीना तिवारी, उज्जैन: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए हिट एंड रन कानून के विरोध में पूरे देश में ट्रक और डंपर चालकों ने स्टीयरिंग छोड़ हड़ताल शुरू की है। 1 जनवरी 2024 यानी नए साल के पहले दिन से ही यह हड़ताल शुरु हुई हैं। हड़ताल का आज दूसरा दिन और सभी ट्रांसपोर्ट व्हीकल, टैंकर आदि बंद हैं।
ड्राइवरों का कहना है कि ये कानून गलत है और इसे वापस लेना चाहिए। इसी मांग को लेकर मुंबई, इंदौर से लेकर दिल्ली-हरियाणा, यूपी समेत कई जगहों पर ट्रक चालकों ने अपने-अपने ट्रक सड़कों पर खड़ा कर जाम लगा दिया। कई जगह पर ड्राइवरों ने अपने वाहन खड़े कर हड़ताल शुरू कर दी है।
नए हीट एंड रन कानून में 10 साल की सजा और 7 लाख रुपये जुर्माने की सजा प्रावधान हैं। सरकार के इस फैसले के बाद ट्रक चालकों में भारी आक्रोश है। इनका कहना है कि यह सरासर गलत है। सरकार को यह कानून वापस लेना होगा।
मध्य प्रदेश में लगभग सभी जगह हड़ताल का असर देखने को मिल रहा हैं। बस, ट्रक, टैंकर सभी वाहन बंद हैं। यात्री बसों का संचालन बंद हैं जिसको लेकर यात्री परेशान हो रहे हैं।
इंदौर में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का असर पेट्रोल पंप पर भी पड़ा हैं। यहां पेट्रोल पंप पर गाड़ियों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। कई पम्पो पर डीजल पेट्रोल खत्म हो चुका हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवरों की ये हड़ताल तीन दिन तक चलेगी। जिसकी वजह से ईंधन पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच पाएगा। इस खबर के फैलते ही लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचने लगे, जिसकी वजह से वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं।
एमपी, दिल्ली के साथ-साथ महाराष्ट्र,यूपी, हरियाणा आदि राज्यों में हड़ताल का असर दिखाई दिया। जहां सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। उनकी हड़ताल की वजह से सड़कों पर लंबा लंबा जाम लग गया।
मप्र में कई जगह पेट्रोल पम्पो पर डीजल,पेट्रोल के साथ ही सीएनजी गैस खत्म हो चुकी हैं। जिससे बाहर से आने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
इंदौर, उज्जैन, देवास, भोपाल, बड़वानी,खरगोन, शाजापुर सहित विभिन्न शहरों में ड्राइवरों की हड़ताल से व्यापक असर हो रहा हैं। बसे बंद होने से यात्रियों को आने जाने में परेशानी हो रही है तो वही पेट्रोल पम्पो पर पेट्रोल डीजल सीएनजी गैस खत्म होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कई जगहों पर ड्राइवरों के प्रदर्शन करने के दौरान पुलिस व ड्राइवरों के बीच झड़प भी हुई हैं।
इंदौर के सरवटे बस स्टैंड जो कि प्रदेश का बड़ा बस स्टैंड है जहाँ से प्रदेश सहित अन्य कई प्रदेशों के विभिन्न शहरों के लिए बसे जाती हैं। वहां आज दूसरे दिन भी सन्नाटा नजर आया। यात्री भी इक्का दुक्का ही वहां पहुँचे और वापस लौटे।
वही उज्जैन में भी यही हालात रहें। नानखेड़ा बस स्टैंड सहित अन्य जगहों से चलने वाली बसों के पहिये थमे हुए रहे।
बसों के पहिये थमने से इंदौर, उज्जैन, देवास सहित अन्य जगहों पर रोजाना आप डाउन करने वाले सहित नोकरी पेशा लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
वही ड्राइवर्स लगातार नए कानून को काला कानून बताकर हड़ताल पर हैं।

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