उज्जैन। देशभर के बैंक कर्मचारी पिछले दो वर्षों से ‘5 डे वर्किंग’ (सप्ताह में 5 कार्य दिवस) की मांग को लेकर लगातार चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में हुई एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी जब वित्त मंत्रालय द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बैंक कर्मियों ने इसी महीने दूसरी बार हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मी पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे। चिंता की बात यह है कि 26 और 27 सितंबर को शनिवार व रविवार की नियमित छुट्टियां होने के कारण देश भर में बैंकिंग सेवाएं लगातार 5 दिनों के लिए प्रभावित रहेंगी।
🗓️ 23 से 25 सितंबर के बीच निपटा लें बैंक के जरूरी काम: एटीएम और ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी चालू
यदि आपका इस महीने बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण लेन-देन, चेक क्लीयरेंस या अन्य काम बाकी है, तो उसे 23, 24 और 25 सितंबर के बीच हर हाल में पूरा कर लें।
हालाँकि, राहत की बात यह है कि इन 5 दिनों की बंदी के दौरान एटीएम (ATM), नेट बैंकिंग, यूपीआई और मोबाइल ऐप जैसी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी, जिससे ऑनलाइन ट्रांसफर और रोजमर्रा के कामों में ज्यादा रुकावट नहीं आएगी।
📢 समझौते के बाद भी अधिसूचना जारी नहीं हुई: यूनियन नेताओं ने बताई हड़ताल की वजह
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के सह-संयोजक और इंडियन ओवरसीज बैंक यूनियन के मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के महासचिव विपिन सिंह ने कहा कि 8 मार्च 2024 को ही बैंक यूनियन और सरकार के बीच 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू करने पर लिखित सहमति बन चुकी है।
लेकिन इसके बावजूद वित्त मंत्रालय द्वारा आज तक आवश्यक गजट अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसी उपेक्षा और वादाखिलाफी के कारण कर्मचारियों को मजबूरन अपनी सैलरी कटवाकर दोबारा हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
⚠️ मांगें पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
विपिन सिंह ने बताया कि यदि 28 से 30 सितंबर की हड़ताल के बाद भी सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
केवल उज्जैन जिले में ही विभिन्न बैंकों की 297 शाखाएं हैं, जहाँ करीब 4000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि देश भर में 8 लाख से अधिक बैंक कर्मी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं।
⏱️ 5 दिनों में रोज 40 मिनट एक्स्ट्रा काम करने को तैयार: पीएलआई (PLI) में भेदभाव का भी मुद्दा
यूनियन ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के एवज में कर्मचारी रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं।
इसके बाद भी सरकार के स्तर पर देरी समझ से परे है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के वितरण में कर्मचारियों के बीच किए जा रहे भेदभाव को भी तुरंत समाप्त करने की पुरजोर मांग की है।

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