September 27, 2026

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Bollywood News: 5 दशक तक इंडस्ट्री को दिए, फिर भी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा कोई बड़ा सितारा- बोले रजा मुराद

बॉलीवुड एक्टर मुश्ताक खान के निधन ने सभी को मायूस कर दिया. फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर ने 4 दशक से ज्यादा संबे समय तक काम किया और अपने अभिनय से फैंस को खूब एंटरटेन किया. एक्टर के निधन से भी उनके फैंस बेहद दुखी नजर आए और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए ट्रिब्यूट दिया. वहीं दूसरी तरफ फिल्म इंडस्ट्री में भी मुश्ताक के करीबियों ने उन्हें सोशल मीडिया के जरिए याद किया और मशहूर एक्टर को श्रद्धांजलि दी.

वहीं रजा मुराद उन चंद कलाकारों में थे जो मुश्ताक खान के जनाजे पर भी पहुंचे. उन्होंने इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए इस बात की मायूसी जाहिर की कि मुश्ताक खान के जनाजे पर कोई बड़ा सितारा नहीं आया जबकी उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में करीब 5 दशक तक अपनी सेवाएं दीं.

रजा मुराद ने क्या कहा?

रजा मुराद ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा- ”दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि मुश्ताक खान आज हमारे बीच नहीं हैं. कल उनका अंतिम संस्कार किया गया, उन्हें दफन किया गया. लेकिन अफसोसनाक बात ये है कि ऐसे मौके पर कोई भी स्टार जिन्हें हम स्टार कहते हैं वो आखिरी मौके पर उन्हें सलाम पेश करने नहीं आया, जबकी बहुत से उनसे साथी उनके एक्टर कलीग्स सब आए. लेकिन कोई बड़ा चेहरा नहीं आया. हां, अगर किसी उद्योगपती के बेटे की शादी होती तो ये स्टार्स ना सिर्फ वहां शिरकत करते बल्कि वेटर्स की तरह वहां महमानों को सर्व भी करते. या कोई पॉलिटिकल पार्टी अपना डंडा दिखाती है तो ये वहां पहुंच जाते हैं.”

”लेकिन उस शख्स के जनाजे पर इन्होंने शिरकत नहीं की जिसने अपने 50 साल इस फिल्म इंडस्ट्री को दिए. अपनी पूरी जिंदगी दे दी. लेकिन आप उसके लिए 50 मिनट भी नहीं निकाल पाए. ये मत भूलिए कि आज जो आपका ये चमकदार चेहरा है कल ये मुरझा जाएगा. कल ये अंधेरे में डूब जाएगा. अगर कोई चीज आपके काम आएगी वो है आपका अच्छा व्यवहार. और कुछ नहीं आएगा. मुश्ताक खान अपने बलबूते पर बहुत बड़ा नाम बने, ना उन्होंने किसी की दलाली की, ना उन्होंने किसी की चमचागिरी की.”

”वो सिर्फ अपने काम के बलबूते पर यहां तक पहुंचे. उन्हें ना कभी आपकी जरूरत पड़ी जिंदगी में ना जिंदगी के बाद पड़ेगी. हां, ये अफसोस जरूर रहेगा हम सबको कि ऐसा कोई भी स्टार नहीं है जिनके साथ मुश्ताक खान ने काम ना किया हो. और वो चंद लम्हें निकालकर उन्हें आखिरी सलाम करने नहीं आया. एक बात याद रखिए- ये शोहरत, इज्जत, दौलत हमेशा नहीं रहती, शोहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो वो टूट भी सकती है. ये बात याद रखना.”

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