October 26, 2026

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Bharat Drone Operating System BDOS: इंदौर में बना देश का पहला स्वदेशी ड्रोन ऑपरेटिंग सिस्टम, जानें इसकी खासियतें

इंदौर। भारतीय सेना के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन अब पूरी तरह रडार और जैमर-प्रूफ बनाए जा रहे हैं, ताकि दुश्मन देश का कोई भी नेविगेशन या सैटेलाइट सिग्नल इन्हें अपने कब्जे में न ले सके। इसके लिए मध्य प्रदेश के इंदौर में देश का पहला स्वदेशी ‘भारत ड्रोन ऑपरेटिंग सिस्टम’ (BDOS) विकसित किया गया है, जिसकी मदद से अब आर्मी के ड्रोन्स को अपग्रेड किया जा रहा है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम ड्रोन के लिए एक ऐसा रक्षा कवच है जो इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर या सैन्य अभियानों के दौरान विरोधी देशों के सिग्नल जैमिंग, रेडियो फ्रीक्वेंसी इंटरफेरेंस और जीएनएसएस स्पूफिंग (GNSS Spoofing) से पूरी तरह सुरक्षित रखता है। इस सिस्टम से लैस होने के बाद ड्रोन केवल भारतीय कमान या बेस स्टेशन के निर्देशों का ही पालन करेंगे।

🛡️ अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक योद्धा की तरह काम करेंगे ड्रोन: पैसर्व (Pisarv) कंपनी ने तैयार की तकनीक, पूर्वी और उत्तरी कमान में हो रहे इंस्टॉल

इंदौर की डिफेंस टेक कंपनी ‘पाईसर्व’ (Pisarv) के सीईओ दुर्गेश शुक्ला के मुताबिक, अब तक हमारे ड्रोन दुश्मन के इलाके में जाते ही जैम या हैक होने का खतरा झेलते थे। इस समस्या से निपटने के लिए तैयार किए गए इस नए ऑपरेटिंग सिस्टम से देश की दक्षिण-पूर्वी सीमा के साथ-साथ भारतीय सेना की पूर्वी और उत्तरी कमान में तैनात ड्रोन्स को अपग्रेड किया जा रहा है। इस स्वदेशी तकनीक में रेडियो फ्रीक्वेंसी इंटरफेरेंस से सुरक्षा, सेंसर फ्यूजिंग, एडाप्टिव फ्लाइट कंट्रोल और फेल-सेफ हैंडलिंग जैसी आधुनिक खूबियां शामिल हैं। इसके जरिए बिना जीपीएस नेविगेशन के भी ड्रोन खुद अपना सुरक्षित रास्ता तय करके कंट्रोल कमान तक वापस लौटने की क्षमता रखते हैं।

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