उज्जैन: सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को लेकर उज्जैन में तैयारियां तेज़ हो गई है। इसी क्रम में आज गुरुवार को नगर के जगदीश मंदिर, जंतर मंतर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी 13 अखाड़ों के प्रमुख संत-महंत और प्रशासनिक अधिकारी पहली बार एक ही मंच पर एकत्र हुए।
बैठक के दौरान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर रोशन सिंह ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सिंहस्थ अब तक का सबसे भव्य और सुव्यवस्थित कुंभ होगा।
कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा,
“हम पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्थायी निर्माण कार्य कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में भी उपयोगी रहेंगे।”
वहीं सिंहस्थ मेला अधिकारी व इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि सिंहस्थ से संबंधित करीब 30 हजार करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि उज्जैन का यह सिंहस्थ विश्वस्तरीय आयोजन होगा।
बैठक के पश्चात संतों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रसादी ग्रहण की और 14 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इन मांगों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल रहे:
शिप्रा नदी की शुद्धता बनाए रखने के लिए नालों और दूषित जल के प्रवाह पर रोक।
कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने की मांग।
सिंहस्थ मार्गों का चौड़ीकरण और यातायात की सुव्यवस्था।
स्थायी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर ज़ोर।
शहर के प्रमुख प्रवेशद्वारों को भव्य स्वरूप देने की मांग।
महंत रामेश्वर दास, अध्यक्ष, अखाड़ा परिषद ने जानकारी देते हुए बताया कि हमने 14 अहम बिंदुओं पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उम्मीद है कि प्रशासन समय पर सभी मुद्दों का समाधान करेगा।

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