August 28, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

NCRP Portal Action Indore: ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, संदिग्ध नंबरों को किया गया बंद ताकि दोबारा न बने निशाना

मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर बदमाशों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ा कदम उठाया है। साइबर सेल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त शिकायतों और तकनीकी डेटा का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद 80 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और 15 IMEI नंबरों को स्थायी रूप से ब्लॉक करवा दिया है। ये सभी मोबाइल नंबर और उपकरण विभिन्न साइबर अपराधों में संलिप्त पाए गए थे। इन नंबरों और डिवाइस के ब्लॉक होने से अब ये शातिर ठग इनके जरिए दोबारा आम नागरिकों को अपना शिकार नहीं बना पाएंगे।

📊 एनसीआरपी पोर्टल के डेटा विश्लेषण से हुआ खुलासा: एक ही नंबर से हो रही थीं कई ठगी

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले I4C और NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराधों से जुड़े डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया गया था। इस दौरान ऐसे मोबाइल नंबरों की पहचान की गई, जो अलग-अलग पीड़ितों की शिकायतों में बार-बार सामने आ रहे थे। तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि इन नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud), फर्जी निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स के नाम पर ठगी, वर्क फ्रॉम होम व नौकरी का झांसा देने, सोशल मीडिया फ्रॉड और मालवेयर युक्त फर्जी लिंक भेजने जैसी अवैध गतिविधियों में धड़ल्ले से किया जा रहा था।

🚫 आईएमईआई (IMEI) ब्लॉक करने से टूटा ठगों का नेटवर्क: पीड़ितों को मिले गुम मोबाइल

साइबर अपराधी अक्सर एक नंबर बंद होने पर नया नंबर लेकर ठगी का कारोबार जारी रखते हैं, इसलिए केवल सिम कार्ड ही नहीं बल्कि मोबाइल हैंडसेट के IMEI नंबर को ब्लॉक करना भी बेहद जरूरी होता है। क्राइम ब्रांच ने इसी रणनीति के तहत ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 15 मोबाइल उपकरणों के IMEI नंबर भी ब्लॉक करवाए हैं। इस बीच, जोन-2 के डीसीपी अमनसिंह राठौड़ ने एक राहत भरी पहल के तहत 63 पीड़ितों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस लौटाए। रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले अपना खोया हुआ फोन पाकर पीड़ितों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई, क्योंकि इनमें से अधिकांश लोग मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद पूरी तरह छोड़ चुके थे।

Share to...