जबलपुर: शहर के लेमा गार्डन के पास स्थित झुग्गी बस्ती में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 50 से ज्यादा झुग्गियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से गरीब और मजदूर परिवारों का घर-गृहस्थी का सारा सामान राख हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस आगजनी से लगभग 50 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि आग के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
⛺ प्लास्टिक और लकड़ी के तंबू में रहते हैं 300 से ज्यादा परिवार; गनीमत रही कि टल गई बड़ी जनहानि
बस्ती की पृष्ठभूमि और राहत की बात:
- बस्ती का दायरा: जबलपुर के लेमा गार्डन के पास स्थित यह झुग्गी क्षेत्र शहर की सबसे बड़ी बस्तियों में शुमार है। यहाँ 300 से अधिक परिवार प्लास्टिक और लकड़ी के तंबू बनाकर निवास करते हैं।
- व्यवसाय और जीवनयापन: यहाँ रहने वाले कुछ लोग ढोलक बनाकर बेचते हैं, कुछ भीख माँगते हैं तो कुछ कचरा बीनकर अपना गुजारा करते हैं। यह बस्ती इस इलाके में पिछले 40 वर्षों से आबाद है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
👵 ‘नंगे पैर भागे, सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला’: पीड़िता अख्तरी बी की आपबीती
पीड़ितों का दर्द:
- सोती हुई हालत में उठाना पड़ा: बस्ती में रहने वाली अपाहिज महिला अख्तरी बी ने रोते हुए बताया कि जब देर रात बस्ती में आग लगी, तब वह गहरी नींद में थीं। अचानक परिवार के लोगों ने उन्हें उठाया और तुरंत वहाँ से भागने को कहा।
- सब कुछ हुआ खाक: उन्होंने बताया, “हम नंगे पैर भागे, अपनी झोपड़ी से सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। भीख माँगकर जो राशन, कुछ नकदी और गृहस्थी का सामान जुटाया था, वह सब आग में जलकर राख हो गया।”
🚨 पूर्व पार्षद की सूचना पर पहुँची पुलिस और फायर ब्रिगेड; 10-12 दमकल वाहनों ने पाया आग पर काबू
प्रशासनिक और राहत कार्य:
- आधी रात को मची भगदड़: पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। वे तुरंत साथियों के साथ पहुँचे और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल के आने से पहले ही दर्जनों झोपड़ियाँ जल चुकी थीं।
- बिजली सप्लाई बंद: पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। किसी अन्य बड़े हादसे को टालने के लिए एमपीईबी (MPEB) के जरिए पूरे इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत कटवा दी गई।
- दमकल की गाड़ियाँ: फायर ब्रिगेड अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही 10 से 12 दमकल वाहनों को मौके पर रवाना किया गया। लगातार पानी के टैंकर भेजकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
⚠️ स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल; कहा- क्षेत्र में बार-बार हो रहे हैं ऐसे हादसे
जनता के आरोप और नाराजगी:
- बिजली और निगम की लापरवाही: स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इस बस्ती में करीब 350 झुग्गियाँ हैं और लोग 40 साल से यहाँ रह रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में पहले भी 7-8 बार आग लगने की घटनाएँ हो चुकी हैं।
- सुरक्षा की माँग: कुछ दिन पहले गाजीनिया मैदान में भी आग लगी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लचर बिजली व्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी के कारण बार-बार ऐसे हादसे हो रहे हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा आग से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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