मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेशभर में वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों को लेकर सफाईकर्मियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का दो टूक कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक न तो कचरा उठाया जाएगा और न ही सड़कों पर सफाई होगी। त्योहारी सीजन और खासकर दीपावली से ठीक पहले इस बड़े आंदोलन के शुरू होने से नगर निगम प्रशासन की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यदि यह हड़ताल लंबी खींचती है, तो भोपाल के सभी 85 वार्डों और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो सकती है।
📢 शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन के बाद जहांगीराबाद चौराहे पर चक्काजाम; तीन घंटे तक प्रभावित रहा यातायात
प्रदर्शन और चक्काजाम का घटनाक्रम:
- यूनियन का प्रदर्शन: मंगलवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के बैनर तले प्रदेशभर के 57 जिलों से आए सफाईकर्मियों ने शाहजहांनी पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया।
- मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच: सुबह नौ बजे से धरने पर बैठे कर्मचारियों की सुधि लेने जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, तो नाराज कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने लगे।
- याचिका और चक्काजाम: पुलिस ने उन्हें जहांगीराबाद चौराहे पर ही रोक लिया, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस वजह से जहांगीराबाद, काली मंदिर रोड, लाल परेड मैदान और भारत टॉकीज मार्ग पर करीब तीन घंटे तक भीषण यातायात जाम रहा।
⏳ 25 साल से संघर्ष; यूनियन अध्यक्ष मगनलाल झांझोट बोले– “मौजूदा वेतन में परिवार चलाना हुआ असंभव”
यूनियन की मांगें और रुख:
- आर-पार की लड़ाई: यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि उनका संगठन पिछले 20 से 25 वर्षों से कर्मचारियों के अधिकारों और नियमितीकरण के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं। महंगाई के इस दौर में मौजूदा वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
- शासन स्तर पर चर्चा: यूनियन नेताओं के अनुसार, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रमुख सचिव मनोज दुबे के साथ बैठक होनी है। यदि इस उच्चस्तरीय बैठक में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
👥 भोपाल नगर निगम में हैं करीब 14 हजार सफाई कर्मचारी; डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर संकट
नगर निगम की व्यवस्था और कर्मचारियों की संख्या:
- कर्मचारियों का आंकड़ा: भोपाल नगर निगम के अंतर्गत लगभग 14 हजार सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें करीब 2 हजार नियमित, 8 हजार दैनिक वेतनभोगी और 1 हजार आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।
- व्यापक असर: इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर के 21 जोन और 85 वार्डों की सफाई व्यवस्था के साथ-साथ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
🛡️ निगम प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे; विशेष सफाई और फागिंग अभियान शुरू
प्रशासनिक तैयारियां:
- वैकल्पिक कार्ययोजना: हड़ताल की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने पहले से ही विशेष सफाई और फागिंग अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है।
- समय सारणी: निगम द्वारा सुबह 6 से 11 बजे तक और दोपहर 12 से 3 बजे तक सफाई कार्यों में मशीनरी का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा शाम 4 से रात 8 बजे तक फागिंग और लार्वा जांच का कार्य किया जाएगा। हालांकि निगम को उम्मीद है कि शासन स्तर पर होने वाली चर्चा से हड़ताल टल जाएगी, लेकिन यदि आंदोलन लंबा चला तो वैकल्पिक इंतजामों पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा।

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