ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर से ही गंभीर और चौंकाने वाले राजफाश होने लगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद सीएसपी, चार निरीक्षकों और चार अन्य प्रधान आरक्षकों-आरक्षकों समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। इस कार्रवाई के बाद अब निलंबित पुलिसकर्मी दबी जुबान में विभागीय व्यवस्था, ड्यूटी प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
⚠️ ‘अफसरों ने जबरन बदला था ड्यूटी प्वाइंट’: निलंबित जवानों का आरोप- अफसरों के गलत फैसलों से बिगड़े हालात
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए निलंबित पुलिसकर्मियों ने बड़ा खुलासा किया है कि हादसे के समय अधिकारियों के गलत निर्देश और ऐन वक्त पर ड्यूटी प्वाइंट बदलने का खेल ही इस पूरे हादसे की मुख्य वजह बना। जवानों का आरोप है कि वरिष्ठ अफसरों ने उन्हें तय स्थान पर जाने से रोक दिया था और आदेश दिया था कि ‘भीड़ ज्यादा है, इसलिए यहीं ड्यूटी करो’। जवानों के मुताबिक, यदि अफसरों ने ग्राउंड रियलिटी को समझकर सही फैसला लिया होता और ड्यूटी में लापरवाही न बरती होती, तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था।

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