मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाहर निकलकर कॉलर आईडी वाला एक जंगली हाथी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। रिजर्व से निकलने के बाद यह हाथी सामान्य वन मंडल और वन विकास निगम के जंगलों को पार करते हुए अब तक 100 किलोमीटर से अधिक की लंबी दूरी तय कर चुका है। वर्तमान में पांचवें दिन भी इस हाथी की मौजूदगी दर्रहा फाटक के आसपास के जंगली इलाकों में बनी हुई है और पिछले दो दिनों से वह इसी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है।
⚡ रेलवे और बिजली विभाग भी हुआ अलर्ट, पटरियों और खेतों के पास बढ़ाई गई सुरक्षा
हाथी के इस लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग के साथ-साथ रेलवे और बिजली विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। हाथी की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए करीब 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है, जो कॉलर के जरिए उसकी लाइव लोकेशन ट्रैक कर रही है। हाथी के खेतों की तरफ पहुंचने से फसलों को हुए नुकसान की भी खबर है। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने हाथी के संभावित रास्तों पर जरूरत के मुताबिक बिजली सप्लाई बंद करने के प्रबंध किए हैं ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके। वहीं, रेलवे ट्रैक के पास ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
📢 ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाने की सख्त सलाह
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉलर वाले हाथी की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और सभी संबंधित विभागों के साथ तालमेल बिठाकर सुरक्षा के कड़े उपाय किए जा रहे हैं। वन विभाग की टीमें आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कर रही हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे हाथी की मौजूदगी वाले इलाकों से दूरी बनाकर रखें और अकेले जंगल या खेतों की तरफ जाने से बचें ताकि जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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