मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां शासन द्वारा बिजली बिल का भुगतान न किए जाने के कारण बिजली कंपनी ने 10 शासकीय स्कूलों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा करीब 5 हजार मासूम छात्र-छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से स्कूलों में बिजली गुल है, जिससे बच्चे उमस, गर्मी और अंधेरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं और पीने के पानी की भी भारी किल्लत हो गई है।
🥵 उमस और गर्मी से बेहाल छात्र, गैलरी और खिड़की की रोशनी के सहारे चल रही कक्षाएं
शासकीय हरिदर्शन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य प्रभावित स्कूलों में हालात यह हैं कि पंखे और लाइट बंद होने के कारण कक्षाओं का संचालन मुश्किल हो गया है। जगह की कमी और भीषण गर्मी के चलते शिक्षकों को मजबूरन गैलरी में या खिड़कियों से आने वाली हल्की रोशनी के भरोसे कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। कंप्यूटर लैब में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि बिजली न होने के कारण न सिर्फ पढ़ाई से ध्यान भटक रहा है, बल्कि पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है और ऑनलाइन विभागीय कार्य भी पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
💡 प्राचार्य ने दी जानकारी, जल्द विद्युत सप्लाई बहाल होने का दिया आश्वासन
शासकीय हरिदर्शन स्कूल के प्राचार्य विजय कुमार पिपरौलिया ने बताया कि सोमवार से ही स्कूल की लाइट कटी हुई है। जब बिजली कंपनी के संबंधित अभियंता से बात की गई तो पता चला कि बकाया बिजली बिल के कारण कनेक्शन अस्थाई रूप से काटे गए हैं। हालांकि, बुधवार को अधिकारियों से दोबारा चर्चा के बाद जल्द ही विद्युत सप्लाई दोबारा शुरू किए जाने का आश्वासन मिला है। इस कार्रवाई की जद में शासकीय कन्या विद्यालय थाटीपुर, मुरार-2 श्रीकृष्ण धर्मशाला स्कूल, हेम सिंह की परेड, घासमंडी हाई स्कूल, जीजीएमएस दाल बाजार, जनकगंज और राजा बाक्षर की गोठ के स्कूल भी शामिल हैं।

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