मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने वक्फ कानून, औकाफ की संपत्तियों और उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। जमीअत उलेमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन का पक्ष रखते हुए उज्जैन की शाही मस्जिद में हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और मस्जिद को पहुंचे नुकसान की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही इसके पुनर्निर्माण की मांग की है।
🏗️ हाइड्रा मशीन का पट्टा टूटने से गिरा मीनार और छत का हिस्सा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
उज्जैन की शाही मस्जिद पर 30 फुट की मीनार को हटाने के दौरान हुए हादसे का जिक्र करते हुए हाजी हारून ने बताया कि चौथे दिन हाइड्रा मशीन से मीनार उतारते वक्त उसका पट्टा टूट गया, जिससे मीनार सीधे मस्जिद की छत और गुंबद पर आ गिरी। इस हादसे में मस्जिद के एक हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। इसके अलावा, मौके पर मौजूद लोगों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज करने और मारपीट करने के मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
🛣️ वैकल्पिक रास्तों और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल, कलेक्टर ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
जमीअत उलेमा ने सवाल उठाया कि सड़क चौड़ी करने के लिए जब अन्य वैकल्पिक रास्ते मौजूद थे, तब मस्जिद को नुकसान पहुंचाना क्यों जरूरी समझा गया। संगठन ने मांग की है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े संवेदनशील मामलों में कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि मलबे को हटाने के क्रम में कुछ क्षति जरूर हुई है, लेकिन किसी को चोट नहीं आई है। उन्होंने जनता से किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

More Stories
Additional SP Suryakant Sharma Update: पुलिस कर रही सीसीटीवी फुटेज की जांच, हादसे के वक्त वैन में सवार थे 15 बच्चे
Dubai to Tel Aviv Flight Hijack Attempt: घायल होने के बावजूद बचाई 180 से ज्यादा यात्रियों की जान, पीएम मोदी ने भी की सराहना
Madhya Pradesh News: ‘मॉय फेवरेट सीजन इज फॉलिंग पैट्रियार्की’, भोपाल में गांधी जयंती पर महिलाओं का बड़ा मार्च