सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए बाजार से एक बड़ी खबर आई है. हफ्ते की शुरुआत में ही कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. ग्लोबल मार्केट से लेकर भारत के वायदा बाजार (MCX) तक इसका असर पड़ा है. अमेरिका में कुछ ऐसे बड़े आर्थिक बदलाव हो रहे हैं, जिन्होंने सोने की चमक को रातों-रात थोड़ा फीका कर दिया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तथा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने कीमती धातुओं का गणित बिगाड़ दिया है.
एमसीएक्स पर क्या है आज का भाव
सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को सोने के भाव थोड़े स्थिर जरूर नजर आए, लेकिन चांदी का लुढ़कना लगातार जारी रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में सोना 4,168 डॉलर प्रति औंस पर रुक गया. वहीं चांदी एक फीसदी से ज्यादा टूटकर 61 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. इसके साथ ही दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.9% गिरकर 2,25,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. आपको बता दें कि सोमवार को सोने में 3% तथा चांदी में 5% से ज्यादा की जबरदस्त गिरावट देखी गई थी.
विदेशी बाजारों से बन रहा दबाव
सैक्सो बैंक के कमोडिटी स्ट्रेटजी हेड ओले हैनसेन ने एक रिपोर्ट में बताया है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण छिपे हैं. सबसे बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का लगातार बढ़ना है. इसके साथ ही डॉलर भी लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा चीन में ‘गोल्डन वीक’ की लंबी छुट्टियां शुरू होने वाली हैं. इस वजह से वहां के निवेशक बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में सोने की भारी बिकवाली बढ़ गई है. अमेरिका में 10 साल की रियल यील्ड 2.85% के करीब पहुंच गई है, जो पिछले 18 सालों का सबसे ऊंचा स्तर है.
निवेशकों के सामने खड़ी हुई नई मुश्किल
बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) अगले साल अप्रैल तक अपनी ब्याज दरों में 25-25 बेसिस पॉइंट की तीन बढ़ोतरी कर सकता है. इतिहास गवाह है कि जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने में निवेश करना थोड़ा घाटे का सौदा लगने लगता है. अमेरिका में कॉरपोरेट क्रेडिट के मोर्चे पर भी भारी तनाव दिख रहा है. अगर कंपनियों पर कर्ज चुकाने का दबाव ज्यादा बढ़ता है, तो लोग नकद पैसा जुटाने के लिए अपना सोना बेच सकते हैं. बाजार में लिक्विडिटी की कमी के कारण शॉर्ट टर्म में सोने पर बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है.
ईटीएफ निवेश में दिखा दिलचस्प बदलाव
कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के नए आंकड़े एक बिल्कुल अलग ही कहानी बता रहे हैं. पिछले हफ्ते ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ (ETF) में 134.2 मिलियन डॉलर का नया निवेश आया है. इसमें सबसे दिलचस्प बात ये रही कि यूरोपीय निवेशकों ने तो गोल्ड ईटीएफ में अपना जमकर पैसा लगाया, लेकिन नॉर्थ अमेरिका के निवेशकों ने बाजार से अपना निवेश निकाल लिया. कुल मिलाकर 1.73 अरब डॉलर का निवेश आया, जबकि 1.59 अरब डॉलर निकाले गए. ब्याज दरों की चिंता छोड़ दें तो लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग अभी भी सोने को संकट के समय का एक बेहद सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं.

More Stories
Business News in Hindi: सस्ता हुआ सोना और चांदी, जानिए क्या दिवाली तक और गिरेंगे दाम या आएगी तेजी?
Nitin Gadkari News: इथेनॉल पॉलिसी पर उठे सवालों का मंत्री ने दिया जवाब, बाइक टैक्सी और किसानों की आय पर भी की बात
New UPI Rules from October 2026: मर्चेंट पेमेंट पर लगने वाले नए नियमों की पूरी जानकारी, ग्राहकों को जानना जरूरी