खंडवा। पिछले साल जुलाई-अगस्त में तेज बारिश और नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र से पानी की बंपर आवक से छलकने वाले इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध इस बार सितंबर तक शांत हैं। इस मानसून सीजन में अब तक दोनों बांधों के गेट एक बार भी नहीं खोले गए हैं। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से अपेक्षाकृत कम पानी आने और नर्मदा का जलस्तर सामान्य रहने से बांधों में पानी की आवक सीमित है। इसका सीधा असर जल विद्युत उत्पादन पर भी पड़ा है। इंदिरा सागर बांध का जलस्तर वर्तमान में 260.94 मीटर है, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 262.13 मीटर है। यानी बांध अभी करीब सवा मीटर खाली है। बांध प्रबंधन के अनुसार मानसून सीजन सितंबर के अंत तक जारी है और इस दौरान बांध के पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है।
📊 पिछले साल 27 जुलाई को खोलने पड़े थे इंदिरा सागर बांध के गेट
इस बार की स्थिति पिछले साल से बिल्कुल अलग है। वर्ष 2025 में भारी बारिश के चलते इंदिरा सागर में पानी की तेज आवक हुई थी और 27 जुलाई को ही बांध के गेट खोलने पड़े थे। जुलाई-अगस्त में कई बार अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। अगस्त में बाढ़ जैसी स्थिति के दौरान बांध की सभी आठ टर्बाइनें 24 घंटे चलाई गईं। इसके मुकाबले इस वर्ष अगस्त में कुल 205 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। कम पानी की आवक का असर ओंकारेश्वर बांध पर भी दिखाई दे रहा है। यहां जलस्तर 195 मीटर से नीचे बना हुआ है। इंदिरा सागर से टर्बाइन के जरिए छोड़ा जा रहा पानी ओंकारेश्वर बांध तक पहुंच रहा है, जिसका उपयोग वहां जल विद्युत उत्पादन के लिए किया जा रहा है।
💧 बरगी बांध के गेट खुलने से इंदिरा सागर जलाशय में बढ़ेगा पानी
शनिवार को बरगी बांध के 17 गेट खोले जाने से नर्मदा में पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। इसका असर इंदिरा सागर जलाशय के जलस्तर पर भी पड़ेगा। यदि आवक बढ़ी तो जलस्तर एफआरएल के करीब पहुंच सकता है। हालांकि अक्टूबर में बांध को 262.13 मीटर की पूर्ण जलभराव क्षमता तक रखने की व्यवस्था को देखते हुए तत्काल गेट खोलने की संभावना कम है। पानी की आवक और जलस्तर के अनुसार प्रबंधन को आगे निर्णय लेना होगा।
🌧️ कमजोर मानसून ने बदली प्रदेश के बांधों की तस्वीर
इस साल मानसून से पहले अल नीनो प्रभाव की आशंका के चलते कम बारिश का अनुमान जताया गया था। खंडवा में भी मानसून की शुरुआत कमजोर रही। हालांकि सावन की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से औसत बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ और नदी-नाले भी भर गए, लेकिन ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से वैसी आवक नहीं हुई जैसी पिछले साल देखने को मिली थी। यही वजह है कि इस बार सितंबर तक बांधों के गेट खोलने की स्थिति नहीं बनी। एनएचडीसी के इंदिरा सागर बांध परियोजना प्रमुख अजीत कुमार का कहना है कि विदा होते मानसून सीजन से कुछ उम्मीद है। सितंबर के अंत तक बांध के पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल गेट खुलने की संभावना नहीं है।
📋 बांधों और बारिश के आंकड़े एक नजर में:
- इंदिरा सागर बांध: कुल जल भराव क्षमता – 262.13 मीटर | वर्तमान जल स्तर – 260.94 मीटर
- ओंकारेश्वर बांध: कुल जल भराव क्षमता – 196 मीटर | वर्तमान जल स्तर – 194.30 मीटर
- वर्षा के आंकड़े: जिले की औसत बारिश – 808 मिमी | अब तक हुई बारिश – 709.2 मिमी

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