मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा कस्बे में जुए के फड़ पर पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बुधवार देर रात भारी बवाल मच गया। 35 वर्षीय सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। विरोध में व्यापारियों ने रातों-रात बाजार बंद करा दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने से नाराज व्यापारियों ने आधी रात को जौरा थाने का घेराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
🚓 दबिश के दौरान मची भगदड़ और गश्त खाकर गिरा युवक: परिजनों ने पुलिस पर लगाया बेरहमी से मारपीट का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मुरैना की जौरा पुलिस टीम ने कस्बे में संचालित जुए के फड़ पर अचानक दबिश दी थी, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
भागने के दौरान कल्ला गुप्ता गश्त खाकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल लेकर पहुँची, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के जीजा नीरज गुप्ता का कहना है, “पुलिसकर्मियों द्वारा की गई बेरहम मारपीट के कारण कल्ला की मौत हुई है। इसके अलावा पुलिस शव को पीएम हाउस में छोड़कर भाग गई और परिवार को सूचना तक नहीं दी।”
👮 आक्रोश के आगे झुका प्रशासन: SP धर्मराज मीना ने 5 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
व्यापारी पुत्र की संदिग्ध मौत से आक्रोशित व्यापारियों ने देर शाम जौरा बाजार बंद कराने के बाद देर रात थाने का घेराव कर दिया और थाने के बाहर धरना दे दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही मुरैना डीएसपी हेडक्वार्टर (DSP HQ) विजय भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। व्यापारियों के उग्र विरोध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मराज मीना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश टीम में शामिल 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (लाइन अटैच) करने के आदेश जारी कर दिए।
🛑 गुरुवार सुबह फिर शुरू हुआ आंदोलन: MS रोड पर चक्काजाम, पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
युवक की मौत का मामला गुरुवार सुबह और अधिक तूल पकड़ गया। परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने जौरा थाने के सामने एमएस रोड पर धरना देकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया।
परिजनों के समर्थन में पूरा बाजार बंद रहा और घटनास्थल पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रदर्शनकारी परिजनों का स्पष्ट कहना है कि युवक की मौत के लिए दोषी पुलिसकर्मी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और जब तक उनके खिलाफ हत्या (IPC/BNS) का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
🔬 सस्पेंड पुलिसकर्मियों के नाम आए सामने: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की वैधानिक कार्रवाई
मामले में निलंबित किए गए 5 पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र तोमर, आरक्षक सत्यम उपाध्याय, गिरिजेश भार्गव, सोनेन्द्र गुर्जर और ईशुभ खान शामिल हैं।
मुरैना डीएसपी मुख्यालय विजय भदौरिया ने बताया, “पुलिस कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक के हृदय रोगी (Heart Patient) होने की बात भी सामने आई है, जबकि परिजन मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। एसपी सर द्वारा 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने और शरीर पर चोट के निशानों की पुष्टि होने के बाद वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

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