उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय परिसर से बेहद चौंकाने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।यहाँ कुलगुरु की टेबल पर कबरबिज्जू और गर्ल्स हॉस्टल परिसर में खुलेआम सांप व अन्य खतरनाक जीव-जंतु घूमते नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम से विश्वविद्यालय के विद्योत्तिमा और रमाबाई गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली करीब 300 छात्राओं के बीच भारी डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। इसके साथ ही छात्राओं ने हॉस्टल की मूलभूत व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं।
💧 पीने का पानी और सफाई तक नसीब नहीं: उत्तर प्रदेश से आई छात्रा ने सुनाई बदहाली की दास्तान
फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई करने उत्तर प्रदेश से आई विद्योत्तिमा हॉस्टल की छात्रा सुरभी भारद्वाज ने अपनी आपबीती साझा की।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। पीने और नहाने का पानी तक उपलब्ध नहीं रहता, जिसे मजबूरी में बाहर से मंगवाना पड़ता है। वॉशरूम अत्यधिक गंदे हैं और जो सफाई हफ्तों में होनी चाहिए, वह महीनों तक नहीं कराई जाती। पूरे परिसर में भारी गंदगी का साम्राज्य है।
🍽️ कच्ची रोटी, कच्चे चावल और पानी जैसी दाल: 2 किलोमीटर दूर जाकर खाना खाने को मजबूर छात्राएं
छात्राओं ने मेस के भोजन की घटिया गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
सुरभी भारद्वाज ने बताया कि मेस का खाना खाने के लिए छात्राओं को 2 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। भोजन में कच्ची रोटियां और आधे पके चावल परोसे जाते हैं, जबकि दाल और सब्जी का कोई मानक नहीं है। दूषित भोजन के कारण कई छात्राओं की सेहत भी बिगड़ चुकी है। छात्राओं का कहना है कि मेस शुल्क देने के बावजूद उन्हें पोषित भोजन नहीं मिल पा रहा है।
🦎 हॉस्टल रूम में घुसे सांप, बंदर और नेवले: छात्रा के पैर में लिपटा सांप, बाल-बाल बची जान
छात्राओं के अनुसार, कैंपस में सुरक्षा और स्वच्छता के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
कमरों की खिड़कियां खुली रहने पर बंदर, नेवले और कबरबिज्जू अंदर घुस आते हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कभी-कभी सांपों का पूरा झुंड दिखाई देता है। हाल ही में एक छात्रा के पैर में सांप लिपट गया था, लेकिन गनीमत रही कि उसने काटा नहीं और छात्रा की जान बाल-बाल बच गई। वहीं रमाबाई हॉस्टल की छात्रा कोकिला धारी ने बताया कि वॉशरूम में मेंढकों और चींटियों की भरमार है।
🌳 ‘प्रकृति रूप निखारती है तो सभी को आश्रय मिलता है’: विवाद पर कुलगुरु का अजीबोगरीब तर्क
छात्राओं के इन गंभीर आरोपों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज ने बेहद अजीबोगरीब बयान दिया है।
उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, जहाँ प्राकृतिक वातावरण मौजूद है। जब प्रकृति अपना रूप निखारती है, तो वह सभी जीव-जंतुओं को आश्रय देती है।” उन्होंने स्वीकार किया कि परिसर में मुख्य रूप से विभिन्न प्रजातियों के सांप, नेवले और कबरबिज्जू देखने में आ रहे हैं।
🚨 वार्डन को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश: संवेदनशील होने का दावा
हालांकि, कुलगुरु ने आगे सफाई देते हुए कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से छात्रावासों का निरीक्षण करते हैं और हाल ही में जन्माष्टमी पर्व पर भी गए थे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को तत्काल प्रभाव से सफाई, पानी, सुरक्षा और भोजन से जुड़ी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

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