जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सन 1857 की क्रांति के अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके सुपुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। 18 सितंबर 1857 को पिता-पुत्र ने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार करने के बजाय हंसते-हंसते अपनी जान न्योछावर कर दी थी, जिसके बाद क्रूर ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें तोप के मुंह से बांधकर उड़ा दिया था।
राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का पवित्र बलिदान स्थल जबलपुर के बड़ी स्टेशन के समीप स्थित है, जहां हर साल 18 सितंबर को इन शहीदों की पावन स्मृति में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
👑 “अंग्रेजों का वर्चस्व खत्म, आदिवासी राजाओं की अमर गाथाएं याद कर रही दुनिया”: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बलिदान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “जिन अंग्रेजों के बारे में यह कहा जाता था कि उनके साम्राज्य में कभी सूर्य अस्त नहीं होता, उन्होंने एक जमाने में भारत के स्वाभिमानी आदिवासी राजाओं की निर्मम हत्या सिर्फ इसलिए कर दी थी, क्योंकि उन्होंने गुलामी स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था। आज दुनिया से अंग्रेजों का वह दंभ और वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि हमारे वीर आदिवासी राजाओं को पूरा देश गर्व से याद कर रहा है।”
🛡️ धर्म परिवर्तन का दबाव ठुकरा कर चुना शहादत का मार्ग: पूर्ववर्ती सरकारों पर CM ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सामने अंग्रेजों ने केवल गुलामी स्वीकार करने की शर्त ही नहीं रखी थी, बल्कि उनके सामने धर्म परिवर्तन का कुचक्र भी रचा था। लेकिन इन स्वाभिमानी जननायकों ने अंग्रेजों के इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया और शहादत का रास्ता चुना।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक आदिवासियों के वोट लेने वाली पार्टी ने कभी भी आदिवासी जननायकों को इतिहास या स्कूली पाठ्यक्रमों में उचित स्थान नहीं दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर एक जनजातीय महिला को आसीन किया।
🏫 एमपी के सभी आदिवासी छात्रावासों का होगा नामकरण: मंत्री विजय शाह ने की घोषणा
कार्यक्रम में मौजूद जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के सभी आदिवासी छात्रावासों का नामकरण अमर शहीद कुंवर शंकर शाह और रघुनाथ शाह के नाम पर कर दिया गया है, ताकि आने वाली भावी पीढ़ी इन जनजातीय वीरों की गाथाओं से प्रेरणा ले सके।
उन्होंने यह भी बताया कि गोंडवाना साम्राज्य की महान शासिका रानी दुर्गावती के वंशजों को सम्मानित करने के लिए आगामी 5 अक्टूबर को एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य प्रमुख स्थलों पर भी इसी तरह के सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
🎬 शहीद स्थल के विकास के लिए ₹1 करोड़ की घोषणा: दिखाई जाएगी शहीदों के जीवन पर आधारित फिल्म
मंत्री विजय शाह ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के शहीद स्थल के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए ₹1 करोड़ की राशि देने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए शहीदों के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित 1 घंटे की विशेष फिल्म का प्रदर्शन नियमित रूप से शुरू किया जाएगा।
जबलपुर स्थित बलिदान स्थल पर दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों की धूम रही, जहां समाज के विभिन्न वर्गों, आदिवासी संगठनों और जन-प्रतिनिधियों ने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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