August 19, 2026

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Madhya Pradesh Health News: जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिला हुई गर्भवती, पीड़ित परिवार ने मांगी मदद और न्याय

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से परिवार नियोजन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलता हुआ एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नगर के मंडी क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 9 महीने पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर जिला अस्पताल में नसबंदी कराई थी, लेकिन यह ऑपरेशन फेल हो गया और महिला दोबारा गर्भवती हो गई। ठीक 9 महीने बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि महिला के पहले से ही चार बच्चे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय होने के कारण ही उन्होंने नसबंदी का विकल्प चुना था।

💸 आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार, आंगनवाड़ी और अस्पताल पर सुनवाई न करने का आरोप

पीड़ित महिला के पति एक होटल में मजदूरी करते हैं। दंपति का कहना है कि वे पहले से ही चार बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं, ऐसे में पांचवें बच्चे के आने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जब महिला दोबारा गर्भवती हुई, तो उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि किसी ने उनकी सुध नहीं ली और न ही कोई संतोषजनक समाधान दिया। अब गरीब दंपत्ति के सामने इस नई नवजात बच्ची के भरण-पोषण और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, और उन्होंने जिम्मेदारों से मुआवजे व सख्त कार्रवाई की मांग की है।

🩺 सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश, बोले—मामले की पड़ताल की जा रही है

इस पूरे सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद जब मीडिया ने सीहोर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन उमेश श्रीवास्तव से संपर्क किया, तो उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। हालांकि वे फिलहाल अवकाश पर हैं, लेकिन इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस नसबंदी विफलता के पीछे चिकित्सा स्तर पर कहाँ चूक हुई थी और इसके लिए असल में कौन जिम्मेदार है।

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