August 16, 2026

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MP Water Crisis and Dams: बारिश का आधा सीजन बीता, फिर भी आधे से ज्यादा खाली हैं मध्य प्रदेश के प्रमुख जलाशय

मध्य प्रदेश में मानसून का आधे से अधिक सीजन बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के करीब आधे बांधों का जलस्तर अभी आधा भी नहीं भर पाया है। प्रदेश के 54 प्रमुख जलाशयों में से 23 से ज्यादा जलाशय अभी आधे या उससे भी अधिक खाली पड़े हैं। इनमें तवा, इंदिरा सागर, बाणसागर, बानसुजारा और पेंच डाइवर्जन जैसे बड़े और महत्वपूर्ण बांध शामिल हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही अच्छी बारिश के कारण जलस्तर में तेजी से सुधार जरूर देखने को मिल रहा है और कई जगहों पर बांधों के गेट भी खोलने पड़े हैं।

💧 जबलपुर का बरगी डैम हुआ 80 फीसदी फुल, जल्द खुल सकते हैं गेट

पिछले 10 दिनों के दौरान जबलपुर, मंडला और सिवनी के कैचमेंट एरिया में हुई अच्छी बारिश से बरगी डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। एक समय बरगी डैम का पानी पिछले 42 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन अब यह लगभग 80 फीसदी भर चुका है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, लगातार आ रहे पानी को देखते हुए आने वाले एक-दो दिनों में बरगी बांध के कुछ गेट खोले जा सकते हैं। बरगी से छोड़ा जाने वाला पानी आगे चलकर नरसिंहपुर, होशंगाबाद होते हुए ओंकारेश्वर और सरदार सरोवर बांध तक पहुंचता है, जिससे अन्य बांधों के भी भरने की उम्मीद बढ़ गई है।

⚡ बिजली उत्पादन और सिंचाई पर पड़ सकता है असर, आने वाले 10 दिन बेहद अहम

राज्य के कई बड़े बांधों के आधे खाली रहने से कृषि सिंचाई और जल विद्युत उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। नर्मदापुरम का तवा डैम, शहडोल का बाणसागर और खंडवा का इंदिरा सागर बांध अपनी पूरी क्षमता से काफी पीछे हैं, जिससे लाखों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र और बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 10 दिन मानसून के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं और झमाझम बारिश से प्रदेश के इन खाली बांधों के जल्द भरने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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