May 15, 2026

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रामघाट पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का किया निरीक्षण, क्षिप्रा परिक्रमा एवं जल संरक्षण अभियान को लेकर दिया बड़ा संदेश

उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज उज्जैन दौरे के दौरान शुक्रवार सुबह रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने सिंहस्थ-2028 को लेकर चल रहे नवीन निर्माण कार्यों, चौड़ीकरण एवं शिप्रा नदी के घाटों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामघाट उत्तरवाहिनी शिप्रा का सबसे पवित्र स्थल है, जहां मुख्य स्नान होना है। ऐसे में प्रशासन एक-एक कर सभी कार्यों को पूरा करते हुए जनता की सुविधा बढ़ाने में जुटा हुआ है।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए शिप्रा परिक्रमा यात्रा एवं जल संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की तैयारियों एवं अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक तथा 30 जून तक नदियों, बावड़ियों और जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए व्यापक जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। गंगा दशहरा के अवसर पर पूरे मध्यप्रदेश में सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में लोग नदियों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों को लेकर मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों का अवलोकन किया, जिसमें प्रदेश के बेहतर कार्य सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी यह क्रम लगातार जारी रहेगा। “जल ही जीवन है” और जल संरक्षण के माध्यम से न केवल जनजागरूकता बढ़ रही है बल्कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर प्रदेश भर में जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। सरकार और समाज मिलकर जल बचाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों पहले रामघाट से शिप्रा परिक्रमा और गंगा दशहरा मनाने की परंपरा शुरू की गई थी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष गंगा दशमी पर निकलने वाली शिप्रा परिक्रमा यात्रा भी गौरव और भव्यता के साथ आयोजित होगी तथा देश और प्रदेश में जल संरक्षण का संदेश देगी।

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