केरल: केरल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद 10 दिनों की माथापच्ची करते हुए आखिरकार कांग्रेस ने केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर वीडी सतीशन के नाम का ऐलान कर दिया है। वीडी सतीशन छह बार से केरल से विधायक रहे हैं।
केरल के सीएम की रेस में वीडी सतीशन और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच कड़ा मुकाबला था। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर मुकुल वासनिक, दीपा दास मुंशी और अजय माकन ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर ये घोषणा की। कोच्चि के पास नेत्तूर में जन्मे वीडी सतीशन का परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा है। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता के बाद सतीशन ने केरल छात्र संघ के जरिये राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस में अपनी पैठ मजबूत की। प्रखर प्रवक्ता और सड़क पर जुझारू राजनीति करने वाले सतीशन 2001 से परवूर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
वीडी सतीशन केरल विधानसभा में नेता विपक्ष थे। केरल में भले ही कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ ने किसी चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा गया हो, लेकिन पिछले 5 सालों में लेफ्ट फ्रंट के खिलाफ तमाम मुद्दों पर उन्होंने सड़क पर आंदोलनों की अगुवाई की है। उन्होंने एलडीएफ के खिलाफ जनता के खिलाफ नाराजगी को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
वीडी सतीशन ने केरल विधानसभा चुनाव में खुद को पिनारयी विजयन के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के तौर पर पेश किया था। सतीशन समर्थकों का तर्क था कि इतने बड़े जनादेश के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से वंचित करना जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने वाला हो सकता है। सतीसन केरल के मध्यम वर्ग, सिविल सोसायटी और युवा कांग्रेस समर्थकों में काफी सक्रिय हैं। गुटबाजी से दूर उन्होंने पार्टी को एक मंच पर लाने और एलडीएफ को 10 साल बाद सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई है।
इंडियन मुस्लिम लीग (IUML) के समर्थन से भी सतीशन का दावा काफी मजबूत हुआ है। मुस्लिम लीग यूडीएफ के प्रमुख सहयोगियों में से एक है। विधानसभा के भीतर भी सतीशन ने वाम मोर्चा के खिलाफ आक्रामक मोर्चा खोला। सतीशन पिछले 26 सालों से कोई चुनाव नहीं हारे हैं।
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो कांग्रेस को 63, माकपा को 26, इंडियन मुस्लिम लीग को 22, भाकपा को 8 सीटें, केरल कांग्रेस को 7, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 3 और बीजेपी को तीन सीटें मिली हैं।
मुख्यमंत्री पद के दूसरे दावेदार केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि उन्हें आलाकमान का फैसला मंजूर है। वेणुगोपाल कांग्रेस संगठन महासचिव हैं और अलपुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। वेणुगोपाल के अलावा रमेश चेन्निथला का नाम भी दौड़ में है। कांग्रेस हाईकमान में केसी वेणुगोपाल का नाम भी चर्चा में था, लेकिन सतीशन का चेहरा पार्टी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों और मतदाताओं के बीच कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की केरल में हुई वापसी का प्रतीक बनकर उभरा। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने अंतिम निर्णय लेने से पहले संगठन के समीकरण, जाति-समुदाय में छवि, दिल्ली के प्रभाव और दूरदर्शी केंद्रीय राजनीति पर विचार करके फैसला किया।

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