उज्जैन: सिंहस्थ 2028 महापर्व के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर विश्व भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधाजनक रूप से मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में स्नान कराने और श्रद्धालुओं की मेजबानी के लिए उज्जैन संवरने लगा है। पांच दिन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने शिप्रा किनारे पैदल 36.5 किलोमीटर भ्रमण करते हुए घाट से जोड़कर बनाए जाने वाले प्रस्तावित मार्गों के लिए 140 स्थान चिन्हित कर तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पेट्रोल-डीजल की मितव्ययिता नियम का अनुसरण करते हुए अधिकारी बस में सवार होकर निरीक्षण के लिए पहुंचे। सिंहस्थ 2028 के लिए निर्माणाधीन विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रस्तावित मार्ग चिन्हित करने के लिए नियमित निरीक्षण के तहत बुधवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ अधिकारियों की टीम सुबह पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश देते हुए एक ही बस में सवार होकर निरीक्षण पर निकले। सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत निर्माणाधीन 29 किलोमीटर के नए घाट और सभी घाटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले प्रस्तावित एप्रोच रोड के लिए स्थान चिन्हित किए।
निरीक्षण के पांचवें दिन अधिकारियों ने लाल पुल ब्रिज के नीचे स्थित घाट क्षेत्र से निरीक्षण शुरू करते हुए गऊघाट, वेधशाला के पीछे, वाकणकर ब्रिज के समीप, जीवन खेड़ी, श्री शनि मंदिर के समीप पुराने और निर्माणाधीन नवीन घाट तक पहुंच मार्ग तैयार करने के लिए प्रस्तावित स्थानों को चिन्हित किया।
निरीक्षण के दौरान विशेष कर्तव्यवस्थ अधिकारी गोपाल डाड, यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित सिंहस्थ कार्यों को गतिशीलता देने वाले विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
संभागायुक्त सिंह के साथ पांच दिनों से किए जा रहे निरीक्षण के दौरान शिप्रा नदी के दोनों किनारों की 36.5 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर 140 स्थान चिन्हित किए गए। एप्रोच रोड़ निर्माण के लिए शिप्रा नदी के किनारों पर निर्माणाधीन नवीन घाट और पुराने घाट भी शामिल किए गए है।
संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि घाट से 200 मीटर एरिया में जो स्थान चिन्हित किए है उन स्थानों पर श्रद्धालुओं को घाट तक आने और जाने के लिए प्रस्तावित एप्रोच रोड़ का निर्माण सुविधाजनक और सहज हो इसका ध्यान रखें।
संभागायुक्त सिंह ने कहा कि एप्रोच रोड़ के लिए स्थान चिन्हित होने के बाद अब यह सूची पुलिस विभाग को सौंपी जाएगी। पुलिस विभाग के माध्यम से भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर प्लान तैयार किया जाए। संभागायुक्त सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ के लिए विकास कार्य प्रगतिरत है। सबसे महत्वपूर्ण है कि सिंहस्थ में विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन पार्किंग के साथ ही स्नान के लिए घाट तक पहुंचाने के लिए सुविधाजनक एप्रोच रोड़ का निर्माण किया जाए। व्यवस्थित पार्किंग क्षेत्र और घाट तक सुविधाजनक आने जाने के मार्ग होने से भीड़ प्रबंधन और यातायात प्रबंधन करने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में नव निर्माणाधीन घाटों के माध्यम से 24 घंटे के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा में स्नान कराने के बाद सुरक्षा और सुविधा के साथ गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। सिंहस्थ के लिए सभी विभागों ने निर्माणाधीन विकास कार्यों की गति तेज कर दी है।

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