नईदिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों समेत सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को निर्धारित डॉग शेल्टर्स में स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया है।
कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस पर अमल करने को कहा है।
कोर्ट ने कहा कि इन परिसरों की चारदीवारी की जाए ताकि आवारा कुत्तो की एंट्री न हो सके। इन जगहों से जो आवारा कुत्तो को हटाया जाएगा फिर उन्हें इन इलाकों में ही छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। कोर्ट ने राज्यों के चीफ सेकेट्री को इन निर्देशों पर अमल करने को कहा है। राज्य 3 हफ्ते में इसको लेकर स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करेंगे।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों, स्टेट और नेशनल हाईवे से आवारा मवेशियों को हटाने ले लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, रोड और ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी से कहा है कि वो सड़कों से आवारा जानवरों को हटाकर शेल्टर होम में शिफ्ट करें। साथ ही सभी नेशनल हाईवे पर हेल्पलाइन नंबर होगा जहां पर आवारा जानवरों को लेकर शिकायत की जा सके।
शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, खेल परिसरों, रेलवे स्टेशन आदि से आवारा कुत्तों को हटाया जाए।
इन आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर होम भेजा जाए।
उन्हें उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए जहां से उन्हें उठाया गया था।
जितनी जल्दी हो सके या 8 हफ्ते के बीच हटाया जाए।
कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
कोर्ट ने कहा है कि अमाईकस प्रस्तुत रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया जाए और यह SC के आदेश का हिस्सा होगी। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अदालत के निर्देशों और अमाइकस की रिपोर्ट का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक हलफनामे दायर करेंगे।
शीर्ष अदालत ने अपने निर्देश में आगे कहा कि प्रत्येक अथॉरिटी, राजमार्गों और अन्य एक्सप्रेसवे पर आवारा मवेशियों की सूचना देने के लिए हाईवे अथॉरिटी गश्ती दल का गठन करेगा। सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की उपस्थिति की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर होंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। यही नहीं प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अदालत के निर्देशों और अमाइकस की रिपोर्ट का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक हलफनामे दायर करेंगे। आवारा कुत्तों के मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अमाईकस प्रस्तुत रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया जाए और यह SC के आदेश का हिस्सा होगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उन निर्देशों की भी पुष्टि की जिनमें राज्य सरकार के अधिकारियों, नगरपालिका अधिकारियों और सड़क एवं परिवहन अधिकारियों को राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से मवेशियों को हटाकर उन्हें आश्रय स्थलों में पुनर्वासित करने का निर्देश दिया गया था।

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