नईदिल्ली: भारतीय कुश्ती संघ (WFI) का एक बड़ा फैसला एक बार फिर सुर्खियों में है। संघ ने एक कड़ा कदम उठाते हुए पेरिस ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडल विजेता पहलवान अमन सहरावत पर एक साल का बैन लगा दिया है। पहलवान अमन को यह सजा सीनियर विश्व चैंपियनशिप में अपना वजन कम करने में नाकाम रहने और निर्धारित सीमा से अधिक वजन रखने के कारण दी गई है।
22 वर्षीय अमन पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वर्ग में भारत के शीर्ष पदक दावेदारों में से एक थे। उन्हें प्रतियोगिता के दिन वजन सीमा से 1.7 किलोग्राम अधिक पाए जाने के कारण विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। WFI ने अपने पत्र में अमन को संबोधित करते हुए कहा, ”आपको कारण बताओ नोटिस की तारीख से प्रभावी एक (1) वर्ष की अवधि के लिए नेशनल और इंटरनेशनल दोनों स्तरों पर कुश्ती से संबंधित सभी गतिविधियों से निलंबित किया जाता है।
निलंबन की अवधि के दौरान अमन को WFI द्वारा आयोजित या स्वीकृत किसी भी गतिविधि में भाग लेने या उससे जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। फेडरेशन ने बताया कि 23 सितंबर 2025 को अमन को इस लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अमन ने 29 सितंबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, जिसे अनुशासन समिति ने ‘असंतोषजनक’ पाया।
कुश्ती संघ ने इस कार्रवाई के पीछे अनुशासनहीनता और पेशेवर मानकों में कमी का हवाला दिया। WFI ने कहा कि एक ओलंपिक पदक विजेता होने के नाते अमन से उच्च स्तर के आचरण की अपेक्षा की जाती है। WFI ने कहा कि वजन प्रबंधन में यह विफलता न केवल अमन की व्यक्तिगत विश्वसनीयता पर असर डालती है, बल्कि “वैश्विक मंच पर राष्ट्र की छवि को भी धूमिल किया है,” जिससे कुश्ती जगत में निराशा हुई है। अमन सहरावत के साथ-साथ मुख्य कोच जगमिंदर सिंह और अन्य कोचिंग स्टाफ के तीन सदस्यों- विनोद, वीरेंद्र और नरेंद्र – से भी इस बात का स्पष्टीकरण मांगा गया था कि वे चैंपियनशिप की तैयारी के दौरान वजन प्रबंधन की निगरानी करने में विफल क्यों रहे।

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